मूल निवास 1950 को लागू करे सरकार:उक्रांद

देहरादून

उत्तराखंड में मूल निवास की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने को उक्रांद ने केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव पास कर दिया है। पार्टी ने राज्य में मूल निवास की व्यवस्था को लागू करने पर जोर दिया। केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन केंद्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह कठैत ने कहा कि राज्य के मूल निवासियो की पहचान बचाए रखने को मूल निवास की व्यवस्था को लागू करना बहुत जरूरी हो गया है। ऐसा न हुआ, तो एक दिन पहाड़ के लोग अपनी मूल पहचान ही खो देंगे। जिस तरह राज्य के संसाधनों पर बाहरी लोगों का कब्जा होता जा रहा है, वो इस राज्य के भविष्य के लिए बहुत बेहतर संकेत नहीं हैं। कहा कि सरकार मूल निवास के लिए भी वर्ष 1950 को आधार बनाए। ताकि मूल निवास की मूल अवधारणा जीवित रहे। मूल निवास की व्यवस्था के साथ ही उत्तराखंड में सशक्त भू कानून को भी तत्काल लागू किया जाए। हिमाचल की तर्ज पर जब तक सशक्त भू कानून बना कर उसे लागू नहीं किया जाता, राज्य के लोगों के हित सुरक्षित नहीं रह सकते। सरकार को सर्वोच्च प्राथमिकता पर इन दोनों गंभीर विषयों पर फैसला लेना होगा। ऐसा न किए जाने पर उक्रांद राज्य के लोगों को लामबंद कर मुहिम चलाएगा। सरकार राज्य के सभी उद्योगों में मूल निवासियों को ही 80 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित करे। सरकारी विभागों के टेंडर में स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जाए। बाहर से आने वाले वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाया जाए।

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