देश का पहला ऐसा मंदिर, चढ़ाए जाते हैं जीवित घोड़े
जैसलमेर …..
आज से साढे छः सौ पूर्व राजपरिवार में अवतार लेकर ऊंच-नीच, जात-पात का भेदभाव मिटा पिछड़े वर्ग को गले लगा सामाजिक समरसता का सन्देश देने वाले बाबा रामदेवजी के समाधि स्थल पर घोड़ों का कुनबा बढ़ रहा है। रूणीचा कुआं पर स्वछन्द घूम रहे घोड़े श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और आकर्षण का केन्द्र बन गए हैं।
देशभर के अलग-अलग हिस्सों के कई श्रद्धालु बाबा रामदेवजी की समाधि पर अपनी मन्नत पूर्ण होने पर श्रद्धालु जीवित घोड़े चढ़ा रहे हैं. पिछले तीन वर्षों में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और गुजरात से आये श्रद्धालुओं द्वारा यहां जीवित घोड़े चढ़ाये गये हैं, जिनकी संख्या अब बढ़कर एक दर्जन के लगभग हो गई है. यहां रूणीचा कुआं पर घूमते यह घोड़े दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं।
