आंदोलन को लेकर तीर्थपुरोहितों ने बनाई नई रणनीति
रुद्रप्रयाग।
देवस्थानम बोर्ड के विरोध में केदारनाथ के तीर्थपुरोहितों ने नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है। केदारघाटी के गांवों में लोगों को एकजुट कर आंदोलन को और तेज करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए चरणबद्ध जुलसू-प्रदर्शन किए जाएंगे। जबकि जिला मुख्यालय में भी धरना व चक्काजाम किया जाएगा। केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला की अध्यक्षता में गुप्तकाशी में हुई बैठक में तीर्थपुरोहितों ने बैठक कर एक स्वर में सरकार से देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग की। कहा कि दो वर्ष से आंदोलन चल रहा है। लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा मांगपूर्ति के बजाय बोर्ड का विस्तार कर तीर्थपुरोहितों व हक-हकूकधारियों में फूट डालने की साजिश की गई। बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। इसके लिए केदारघाटी के गांव-गांव भ्रमण कर प्रत्येक परिवार व व्यक्ति से संवाद किया जाएगा। जरूरी हुआ तो गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग, गौरीकुंड, ऊखीमठ में चरणबद्ध धरना-प्रदर्शन व आमरण अनशन किया जाएगा। इस मौके पर जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में जुलूस-प्रदर्शन और चक्काजाम की रणनीति पर भी चर्चा की गई। बैठक में केदार सभा के पूर्व अध्यक्ष भगवती प्रसाद तिवारी, राजकुमार तिवारी, संतोष त्रिवेदी, राजेंद्र प्रसाद शुक्ला, अशोक शुक्ला, डीएन वाजपेयी, आनंद सेमवाल, विजय शुक्ला आदि मौजूद थे।
