विधायक ने नेत्रदान को बताया महादान
पौड़ी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय दृष्टि विहीनता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शतचण्डी नेत्र प्रशिक्षण संस्थान पौड़ी में 37वें नेत्रदान पखवाडे के दौरान जनजागरुता हेतु विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। नेत्रदान पखवाड़े के तहत बस स्टेशन से जिला चिकित्सालय तक जन जागरूकता रैली भी निकाली। इसके बाद शतचंडी नेत्र प्रशिक्षण संस्थान में गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि राजकुमार पोरी ने नेत्रदान को महादान बताया। कहा कि नेत्रदान करने से किसी मानव को दूसरा जीवन मिल सकता है। दृष्टिमितिज्ञ डा. नृपेश तिवारी द्वारा कहा गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नेत्र दान के प्रति आमजन को जागरुक करना है। नेत्र दान के लिए प्रेरित करने के लिए विभाग द्वारा समय समय पर जनजागरुकता कार्यक्रम चलाये जाते हैं। डा. हसन द्वारा नेत्र दान की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया कि दान की गयी आखे जब नेत्र बैंक पहुचती है तो 36 घंटे के अन्दर कार्नया प्रत्यारोपित किया जाता है। उत्तराखण्ड में नेत्र बैक की सुविधा हिमालयन हास्पिटल जालीग्रान्ट देहरादून एव सुषीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी में उपलब्ध है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. रमेश कुंवर द्वारा कहा गया कि जिले में नेत्रदान हेतु 222 लोगों द्वारा पंजीकरण किया जा चुका है । जिले में कार्यक्रम के तहत 135 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है जो कि सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस मौके पर नगरपालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, एसीएमओ डा. कमलेश भारती, श्वेता गुसांई, शकुंतला नेगी आदि शामिल थे।
