स्वरूप बदले बगैर बचाएंगे जोशीमठ: पुष्कर धामी

देहरादून। जोशीमठ आपदा भाजपा की कार्यसमिति में सबसे बड़ा मुद्दा रहा। मुख्यमंत्री ने जोशीमठ को पौराणिक शहर बताते हुए कहा कि यह पर्यटन और संस्कृति का केंद्र भी है। सामरिक दृष्टि से जोशीमठ की अहमियत ज्यादा है। लिहाजा, सरकार जोशीमठ को बचाने के लिए हर मुमकीन प्रयास कर रही है। मौजूदा वक्त में 70 फीसदी जनजीवन वहां सामान्य स्थिति में है।
सीएम ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि जोशीमठ न सिर्फ बचे, बल्कि उसका पुराना स्वरूप भी बरकरार रहे। आपदा को लेकर क्षेत्र में काम करने वाली आठ विशेषज्ञ समितियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के साथ ही पुर्नवास की दिशा में प्रभावी कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह भी कहा कि कुछ लोगों ने विकास के एजेंडे और अन्य मामलों को लेकर एक अलग ही परिदृश्य बनाने का काम किया है, जोकि राज्यहित में नहीं है। चारधाम यात्रा होने वाली है और जोशीमठ के नजदीक ही औली में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता होनी है। ऐसे में देश-दुनिया के लोगों के मन मे शंका हो रही है। जबकि, आसपास जाने वाले मार्ग सुरक्षित हैं और यहीं से गुजरने वाला बदरीनाथ मार्ग भी खुला है। सरकार सुगम और सुरक्षित यात्रा को लेकर कटिबद्ध है। सीएम ने कहा कि यह वक्त जोशीमठ पर राजनीति का नहीं है। इस समय राज्य को आगे बढ़ाने और जोशीमठ को मदद की जरूरत है, जिसके लिए सभी को आगे आना चाहिए। इस दौरान उन्होंने आपदा में सरकार के साथ ही संगठन के काम को भी सराहा।

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