केजरीवाल की बड़ी उपलब्धि
आम आदमी पार्टी (आप) के संस्थापक अरविन्द केजरीवाल को एक दशक के अंदर ही बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल हो गयी है। राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग ने आप को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया है। इस बात की जानकारी तो गुजरात चुनाव के समय ही हो गयी थी जहां आप ने 5 विधायकों के साथ 13 फीसद वोट हासिल किये थे। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश ओर गोवा मंे भी केजरीवाल की पार्टी ने अपनी पहचान बना ली। देश मंे राष्ट्रीय पार्टी बनने के कई लाभ हैं, इसलिए राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए कुछ मापदण्ड भी तय किये गये हें। पार्टी को तीन राज्यों मंे मिलाकर लोकसभा की तीन प्रतिशत सीटें मिल जाएं तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है। इस प्रकार की कुछ शर्तें हैं और आम आदमी पार्टी ने निर्धारित शर्त को पूरा कर लिया है। आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय दल का दर्जा मिलने के बाद पार्टी का चुनाव चिह्न झाड़ू स्थायी रूप से मिल गया है। इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिल्ली मंे दफ्तर मिलेगा। पार्टी के 40 स्टार प्रचारक होंगे और चुनाव मंे पार्टी को प्रचार के लिए रेडियो ओर टीवी पर समय मिलेगा। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली और पंजाब मंे सरकार बनाकर यह पहले ही साबित कर दिया कि वह क्षेत्रीय दल बनकर नहीं रहेगी। केजरीवाल ने इस अवसर पर जश्न भी मनाया है। पार्टी को राष्ट्रीय दल की मान्यता 10 अप्रैल 2023 को मिली है।
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के मौके पर आम आदमी पार्टी मुख्यालय में जश्न का आयोजन किया गया। इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज आम आदमी पार्टी देश की राष्ट्रीय पार्टी बन गई है। इसके लिए मैं सबसे पहले सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों, हमारे वोटरों और आलोचकों को बधाई देता हूं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गजब ही हो गया, अद्भुत अकल्पनीय। ऐसा लग रहा है कि कल का ही दिन था, 26 नवंबर 2012 को पार्टी बनी थी। तब लग रहा था कि एक विधायक भी बन पाएगा। देश में 1300 पार्टी हैं, उनमें से 6 राष्ट्रीय पार्टी हैं और उनमें से भी सिर्फ 3 पार्टी हैं, जिनकी 2 या ज्यादा राज्यों में सरकार है, वो हैं भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस। केजरीवाल ने कहा कि जब पार्टी शुरू हुई तो कुछ नहीं था पैसा भी नहीं था, लेकिन भगवान ने कहां से कहां पहुंचा दिया। इसका मतलब ऊपर वाला देश के लिए हमसे कुछ तो करवाना चाह रहा है। आज इस खुशी के मौके पर मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की बहुत याद आ रही है। वो संघर्ष कर रहे हैं। मनीष सिसोदिया का क्या कसूर था? मनीष सिसोदिया का कसूर ये था कि उन्होंने गरीब लोगों को अच्छी शिक्षा का सपना दिया, सत्येंद्र जी का कसूर ये था कि उन्होंने गरीब से गरीब सभी को अच्छे स्वास्थ्य की सुविधा दी। तो ये सारी राष्ट्र विरोधी ताकतें पीछे लगी हुई है। सत्येंद्र जैन बेचारा नहीं है, भगत सिंह का चोला हैं। संतोष कोहली थी, मीरा सान्याल हमारे साथ थीं। इस आंदोलन में, हमने बहुत संघर्ष किया। आज फिर से समय है अपनी विचारधारा को याद करने का। आम आदमी के तीन स्तंभ है। कट्टर इमानदारी, कट्टर देशभक्ति और इंसानियत। हमने लिखा दिया कि ईमानदारी से चुनाव लड़ा जा सकता है। सरकार चलाई जा सकती है और सिर्फ इमानदारी से ही चलाई जा सकती है। हमारा सपना है कि देश को नंबर वन बनाना है और देश बन सकता है। आम आदमी पार्टी ही बनाएगी।
केजरीवाल ने कहा जब ये लोग चुनाव में आते थे तो सिर्फ गुंडागर्दी होती थी, एक दूसरे के लिए बोलते थे, जाति धर्म पर लड़ते थे, पहली बार इन नेताओं को फर्जी क्लास में बिठा दिया, पता नहीं वो असली स्कूल में गए या नहीं लेकिन एक दिन हम भेजेंगे। अब हर जगह स्कूलों और मोहल्ला क्लिनिक की बात होती है।
चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया है। आयोग ने कहा कि आम आदमी पार्टी को चार राज्यों- दिल्ली, गोवा, पंजाब और गुजरात में उसके चुनावी प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया है। केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब में सत्ता में है। साथ ही आयोग ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी अब राष्ट्रीय पार्टियां नहीं रही हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले ही आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में कहा गया है कि देरी होने से चुनाव लड़ने की उसकी क्षमता बाधित हो रही है। आप कर्नाटक के संयोजक पृथ्वी रेड्डी द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि पार्टी राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए सभी मानदंडों को पूरा करती है, लेकिन चुनाव आयोग ने यह दर्जा देने से इनकार कर दिया है।
पिछले ही महीने चुनाव आयोग ने कहा था कि वो शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय पार्टी स्थिति की समीक्षा करेगी। आयोग ने एनसीपी के प्रतिनिधित्व पर सुनवाई करेगा, जिसमें उसके फैसले की समीक्षा की मांग की गई थी।सूत्रों ने बताया था कि एनसीपी अब राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे की आवश्यकता को पूरा नहीं करती है। एक राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता दी जाती है, यदि उसके उम्मीदवार लोकसभा या विधानसभा चुनावों में चार या अधिक राज्यों में कम से कम 6 फीसद वोट हासिल करते हैं। इसके अलावा उसे कम से कम चार लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करनी होती है। अगर किसी दल को 4 राज्यों में क्षेत्रीय दल का दर्जा हासिल हो तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया जा सकता है। अगर किसी पार्टी का 3 राज्यों में मिलाकर लोकसभा की 3 फीसदी सीटें जीत जाती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है। अगर कोई पार्टी 4 लोकसभा सीट के अलावा लोकसभा चुनाव या विधानसभा चुनाव में 4 राज्यों में छह फीसदी वोट शेयर हासिल करती है तो उसे भी ये दर्जा मिल सकता है। कोई पार्टी इन तीनों शर्तों से किसी एक शर्त को भी पूरा कर देती है तो उसे भी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है।
आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के बाद चुनाव चिन्ह झाड़ू परमानेंट हो जाएगा। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अब बैलेट/ईवीएम के उम्मीदवारों के क्रम में में ऊपर नजर आ सकेंगे। आम आदमी पार्टी को देश की राजधानी में एक दफ्तर मिल सकेगा। आम आदमी पार्टी को अब तक कुछ रुपये खर्च करके वोटर लिस्ट प्राप्त करनी होती थी लेकिन अब आम आदमी पार्टी को अधिकार होगा कि वह हर राज्य में वोटर लिस्ट मुफ्त में पा सके। राष्ट्रीय स्तर पर अब आम आदमी पार्टी 20 से ज्यादा स्टार कैंपेनरों को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकती है। यह संख्या बढ़कर अब 40 तक पहुंच जाएगी। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त होने के बाद आम आदमी पार्टी को अब राष्ट्रीय स्तर के चुनाव में आम लोगों को संबोधित करने के लिए रेडियो और टेलीविजन पर समय मिल सकेगा। राष्ट्रीय दर्जा वाली पार्टी के अध्यक्ष, सरकारी आवास पाने के पात्र होते हैं। सबसे बड़ी बात दल के प्रतिष्ठा की होती है।
