बिना अक्षर ज्ञान ऑनलाइन घोषणा पत्र कैसे भरें किसान

मेरठ

गन्ना विभाग की ज्यादा हाईटेक व्यवस्थाएं किसानों के लिए मुसीबत की वजह बन गई है। गन्ना सर्वेक्षण में किसानों पर ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने की बाध्यता से अनपढ़ किसान परेशान हैं। इससे घोषणा पत्र भरने वाले किसानों की तादाद गिनती में है, जबकि पूरा मई माह बीत चुका है।
जिले में करीब सवा दो लाख गन्ना बांड धारक किसान हैं। इनमें से अधिकतर कम पढ़े-लिखे या अनपढ़ हैं। वहीं, गन्ना विभाग में गन्ना सर्वेक्षण के बाद ऑनलाइन घोषणा पत्र भरना अनिवार्य कर दिया गया है। ऑफलाइन घोषणा पत्र भरने की छूट इस बार नहीं है। इससे किसान परेशान हैं, क्योंकि अधिकतर किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है। यही वजह है कि अभी तक कुल 3840 किसानों के ही घोषणा पत्र भरे गए हैं।
क्या कहते हैं किसान
-खरखौदा के किसान रमेश पाल के मुताबिक, वह इतने पढ़े-लिखे नहीं हैं कि खुद घोषणा पत्र भर सकें। स्मार्टफोन भी नहीं है।
-सिंहपुर के किसान अजब सिंह ने बताया कि सर्वेक्षण टीम खेतों की माप करके चली गई और ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने के लिए कह गई। जन सेवा केंद्र पर घोषणा पत्र भरवाया इसकी एवज में डेढ़ सौ रुपए लिए गए।
-किसान सतवीर ने बताया कि वह खुद अनपढ़ है और बच्चे छोटे हैं तो उन्हें इतनी जानकारी नहीं है। एक पड़ोसी से घोषणा पत्र भरवाया, लेकिन वह ठीक नहीं हुआ बाद में सर्वेक्षण टीम में शामिल कर्मचारी ने बताया कि आप का घोषणा पत्र सबमिट नहीं हुआ है।+

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