हिंदी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को करेंगे सम्मानित: प्रो. सुब्रह्मण्यम
नई टिहरी। केंद्रीय संस्कृत विवि श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ हो गया है। इस मौके पर वक्ताओं ने उत्तराखण्ड के हिंदी के विकास में किये गए अतुलनीय योगदान को स्मरण किया गया। शुक्रवार श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में आयोजित हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि, देश के संस्कृत विश्वविद्यालय और महाविद्यालय संस्कृत के साथ ही हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। संस्कृत भाषी अंग्रेजी की अपेक्षा हिंदी को महत्त्व देते हैं। सहायक आचार्य जनार्दन सुवेदी ने कहा कि भाषा कोई भी हो, उसमें सीमा से अधिक दूसरी भाषा का मिश्रण नहीं होना चाहिए। अनावश्यक रूप से विदेशी शब्दों का प्रयोग हिंदी के स्वरूप की दृष्टि से उचित नही हैं। परिसर निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने कहा कि, हिन्दी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने किसी एक विद्वान को प्रतिवर्ष श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग द्वारा श्री रघुनाथ कीर्ति हिन्दी सेवा सम्मान दिया जाएगा। इसमें पांच हजार रुपये नगद तथा प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। हिंदी लेखन में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को निखारने के लिए परिसर में हिंदी भाषा लेखन परिषद का गठन किया जायेगा। इस मौके पर हिंदी पत्रकारिता से पिछले 40 वर्षों से जुड़े पत्रकार डॉ. प्रभाकर जोशी को सम्मानित किया गया। संयोजक डॉ. वीरेंद्र सिंह बर्त्वाल ने पखवाड़े भर में आयोजित की जाने वाली हिन्दी आधारित स्पर्धाओं का ब्योरा प्रस्तुत किया। जिसमें छात्र छात्राओं व गैरशिक्षण कार्मिकों के लिए सात प्रकार की प्रतियोगिताएं होंगी। छात्र-छात्राओं की ओर से पहलीबार कार्यक्रम का यहां संचालन भी किया गया। जिसमें मंच संचालन हिमांशु भट्ट, अतिथि परिचय मधु यादव व धन्यवाद ज्ञापन भास्कर खंकरियाल ने किया। कार्यक्रम में डॉ. शैलेन्द्र कोटियाल, डॉ. चंद्रकला आर. कोंडी, डॉ. सुशील प्रसाद बडोनी, डॉ. अरविंद सिंह गौर, डॉ. आशुतोष तिवारी, डॉ. ब्रह्मानंद मिश्र, डॉ. दिनेशचंद्र पाण्डेय, डॉ. मनीषा आर्या, डॉ. अमंद मिश्र, पंकज कोटियाल आदि उपस्थित रहे।
