ट्विटर और केंद्र में खींचतान के बीच एस जयशंकर का बड़ा बयान, पढ़िये पूरी खबर
भारत सरकार और सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर के बीच इन दिनों विवाद चल रहा है। ऐसे में टेक कंपनियों को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि बड़ी टेक कंपनियां अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकतीं। एस जयशंकर ने कहा कि इस मुद्दे पर बहस जरुरी है और यह ऐसी चीज है जिसे दबाया नहीं जा सकता। विदेश मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर विश्व के अन्य हिस्सों में बहस होती रही है। हालांकि उन्होंने मानवीय प्रगति में तकनीक की भूमिका को स्वीकार किया है लेकिन लोकतांत्रिक समाज के लिए बहसों पर भी जोर दिया है। उनका कहना है कि इन कंपनियों की जिम्मेदारी पर बहस जरुरी है। बता दें कि जब से भारत सरकार ने नया आईटी नियम लागू किया है तब से ही केंद्र और ट्विटर के बीच खींचतान चली आ रही है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर के ट्विटर अकाउंट लॉक का मांगा जवाब
इस विवाद के बीच सूचना एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने ट्विटर से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरुर के अकाउंट को लॉक किए जाने को लेकर जवाब मांगा। ट्विटर पूछा गया है कि यह अकाउंट क्यों बंद किए गए थे और दो दिन में जवाब देने को कहा है। रविशंकर प्रसाद ने अपना ट्विटर अकाउंट लॉक होने की जानकारी खुद दी थी। उन्होंने लिखा हैलो दोस्तों आज कुछ बहुत ही अनूठा हुआ। ट्विटर ने अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट अधिनियम के कथित उल्लंघन के आधार पर लगभग एक घंटे तक मेरे अकाउंट तक पहुंच को रोका और बाद में मुझे इसके उपयोग की अनुमति दी।
भारत के नक्शे के साथ की छेड़छाड़
वहीं आपको बता दें कि ट्विटर ने हाल ही में भारत के नक्शे के साथ भी छेड़छाड़ की है जिसको लेकर मुद्दा गरमाया हुआ है। दरअसल ट्विटर ने भारत के नक्शे में छेड़छाड़ करते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग देश दिखाया था।
