प्रतिबन्ध हटते ही जिला में कोरोना के प्रति असावधानी शुरू
कानपुर देहात
सुरक्षा नियमों का पालन ही कोरोना से बचाव का सबसे कारगर तरीका है, लेकिन संक्रमण की रफ्तार कम होते ही लोग इसे भूल गए हैं। शारीरिक दूरी का पालन करने की बात तो दूर मास्क पहने अब कम लोग ही नजर आते हैं। यह लापरवाही लोगों के लिए खतरनाक है।
कोरोना के मामले अधिक थे तो लोग सजग थे और काफी हद तक नियमों का पालन कर रहे थे। लेकिन जैसे ही जिले में मरीज 10 के अंदर हुए लापरवाही शुरू हो गई है। अकबरपुर, शिवली, पुखरायां, डेरापुर, रनियां, सिकंदरा व राजपुर समेत सभी बाजार में लोग बिना मास्क के धड़ल्ले से घूम रहे हैं। उन्हें जरा भी चिता नहीं है कि संक्रमित होकर खुद तो खतरे में होंगे ही और दूसरों के साथ ही अपने परिवार को भी खतरे में डाल देंगे। दुकानों पर दुकानदार भी बेपरवाह हैं और बिना मास्क आए लोगों को टोकने के बजाए सामान देते हैं। वहीं बाजार के दिन मंडियों में जमकर भीड़ जुट रही और ऐसा लग रहा कि कोरोना खत्म हो गया है। लोगों को यह समझना चाहिए कि कोरोना से बचना है तो मास्क जरूर से जरूर पहनना है। इसके अलावा शारीरिक दूरी का पालन व भीड़ से बचना है। हाथों को धुलने के साथ ही सैनिटाइज करना जरूरी है। सीएमओ डाक्टर एके सिंह ने बताया कि संक्रमण कम हुआ है इसका यह मतलब नहीं है कि कोरोना खत्म हो गया है। सुरक्षा नियमों का पालन न करके हम खतरा मोल ले रहे हैं सभी को एक अच्छे नागरिक का परिचय देते हुए नियमों का पालन करना चाहिए।
