भू-कानून की मांग को प्रगतिशील जन विकास संगठन का सांकेतिक धरना
नई टिहरी।
उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून लागू करने की मांग को लेकर प्रगतिशील जन विकास संगठन ने गजा तहसील में सांकेतिक धरना दिया। धरना दे रहे लोगों को उत्तराखंड जन एकता पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पूर्व केबिनेट मंत्री दिनेश धनै ने फोन कर समर्थन दिया। आंदोलनकारियों ने जन जन की यही पुकार, भू कानून लागू करें सरकार तथा उत्तराखंडी जागी जावा, एकजुट ह्वे जावा आदि नारों से प्रदेश में सशक्त भू-कानून लागू करने की मांग की। शुक्रवार को प्रगतिशील जन विकास संगठन गजा व सिविल सोसायटी नकोट के पदाधिकारियों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गजा तहसील में कोविड नियमों का पालन करते हुए सांकेतिक धरना देकर प्रदेश में सशक्त भू-कानून की मांग की। संगठन अध्यक्ष दिनेश प्रसाद उनियाल ने कहा कि सरकार को प्रदेश में भूमि बिक्री पर प्रतिबंध लगाना होगा। कहा कि अब तक जो भी सरकारें बनी हैं उनका ध्यान पृथक राज्य की मूल भावना से हट गया है। प्रदेश में मूल निवास प्रमाण पत्र लागू होना चाहिए था, लेकिन मूल निवास को समाप्त कर स्थाई निवास बना दिया। साथ ही यहां युवाओं को रोजगार भी नहीं मिल पाया है सिविल सोसायटी अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत व अनिल भंडारी ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी सशक्त भू क़ानून लागू होना चाहिए था। बेहिसाब भूमि खरीदने से यहां की अस्मिता, सामाजिक समरसता भी खतरे में आ रही है। हमारे रीति-रिवाजों व धार्मिक भावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। कहा कि धीरे-धीरे दूसरे प्रदेशों के लोगों के सैकड़ो एकड़ जमीन खरीदने पर हम भूमिहीन हो जायेंगे। धरना दे रहे लोगों ने तहसीलदार गजा रेनु सैनी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। धरना प्रदर्शन में सेवानिवृत्त सूबेदार मनजीत सिंह नेगी, टंखी सिंह नेगी, राजवीर सिंह चौहान, अनिल भंडारी, वासुदेव उनियाल, चतर सिंह नेगी, मनजीत सिंह नेगी, दिलवीर सिंह रावत, सूर्य रावत, एलएस राणा, सुरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
