नौणी विवि में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के निवारण तंत्र पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

सोलन।

 डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) के निवारण तंत्र के लिए गठित आंतरिक समिति के सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. डेजी ठाकुर मुख्य अतिथि रही। प्रशिक्षण सत्र में कुलपति डॉ. परविंदर कौशल और कुलसचिव प्रशांत सरकेक समेत समिति के सदस्यों ने भाग लिया। महिला आयोग के विधि अधिकारी अनुज शर्मा ने संस्थानों में आंतरिक समितियों के गठन के साथ ही अधिनियम और उसकी पृष्ठभूमि पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सदस्यों की भूमिका के बारे में भी बताया। उन्होंने शिकायतों से संबंधित विभिन्न कानूनी पहलुओं पर सदस्यों के प्रश्नों को संबोधित किया और सदस्यों को शिकायतों का समाधान करने और जांच करने के तरीके के बारे में भी अवगत करवाया।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ डेज़ी ठाकुर ने सभी कर्मचारियों और छात्रों को गठित समिति के बारे में जागरूक करने और किसी भी शिकायत के मामले में उसे कैसे संपर्क किया जा सकता है, इसके प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों के नाम परिसर में प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं। डॉ. डेजी ने कहा कि लंबे समय से समिति के सदस्यों को प्रशिक्षित करने की मांग रही थी ताकि वे अधिनियम के तहत अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन कर सकें और इसलिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। उन्होंने सदस्यों से ऐसे मामलों में गोपनीयता सुनिश्चित करने और प्रतिवादियों को उचित अवसर देने का भी आग्रह किया।

प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए महिला आयोग को धन्यवाद देते हुए कुलपति डॉ. परविंदर कौशल ने कहा कि समिति के सदस्यों को दी गई जानकारी इस विषय के बारे में जागरूकता फैलाने में काफी मददगार साबित होगी। उन्होंने सदस्यों से कहा कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अपने कामकाज में सुधार के लिए लागू करें।

 डॉ. कौशल ने कहा कि इन कानूनों और निवारण तंत्र से सभी को अवगत करवाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य महिला आयोग के सहयोग से सदस्यों के लिए नियमित प्रशिक्षण और वेबिनार जैसे वर्चुअल माध्यम से छात्रों के बीच इस जानकारी का प्रसार होना चाहिए।

मुख्य परिसर के दो महाविद्यालयों की आंतरिक समिति की सदस्य डॉ सुनीता चंदेल, डॉ मीनू सूद, डॉ डी पी शर्मा, डॉ आर के अग्रवाल, सीमा वर्मा और नीलम ठाकुर ने प्रशिक्षण में भाग लिया। नेरी और थुनाग महाविद्यालयों की आंतरिक समितियों के सदस्यों ने भी ऑनलाइन रूप से कार्यक्रम में भाग लिया।

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