दोहा में अफगान शांति वार्ता का एक और दौर अगस्त में

काबुल  ।

दोहा शांति वार्ता में कोई प्रगति नहीं होने के कारण, अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के वरिष्ठ प्रतिनिधि अगस्त की शुरुआत में एक और दौर की बातचीत के लिए फिर से मिलेंगे।
दोहा वार्ता की 16-17 जुलाई को आयोजित पहली बैठक में अफगान प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय मेल-मिलाप के लिए उच्च परिषद के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने किया था। दोनों पक्ष युद्ध विराम पर एक समझौते पर पहुंचने में विफल रहे लेकिन वे अपनी बैठक और शांति स्थापना के लिए प्रयास जारी रखने पर सहमत हुए।
इस तरह की बैठकों के जरिये शांति वार्ता के लिए एक रूपरेखा हासिल करने के प्रयास किए जाएंगे। अफगानिस्तान से 31 अगस्त तक अमेरिकी सुरक्षा बलों की वापसी पूरी होने का अनुमान है।
तालिबान के पूर्व कमांडर सैयद अकबर आगा ने बताया कि अगर इस बार एक आधिकार प्राप्त टीम बैठक में शामिल होती है तो यह मददगार साबित होगी लेकिन अगर प्रतिनिधिमंडल के पास पर्याप्त अधिकार नहीं होंगे, तो बैठक का कोई नतीजा नहीं होगा।
श्री अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा था कि अफगानिस्तान में संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है।
वार्ता के एक और दौर के लिए कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब तालिबान ने मध्य प्रांत गजनी के मलिस्तान जिले में 43 नागरिकों और सुरक्षा बलों की हत्या कर दी है। मारे गये लोगों में दो युवक थे, जो अपने परिवार के साथ क्षेत्र छोड़ रहे थे और सरकारी कर्मचारी या सुरक्षा बल के सदस्य नहीं थे।

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