बालक की मां बोलीं—“उत्तराखंड पुलिस ने लौटाई हमारी जान”

हरिद्वार। –

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल के दिशा-निर्देशन में, पुलिस उपाधीक्षक/नोडल अधिकारी एएचटीयू हरिद्वार सुरेन्द्र बलूनी के पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह के नेतृत्व में जनपद हरिद्वार की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने सराहनीय कार्य करते हुए एक 12 वर्षीय गुमशुदा बालक को सकुशल उसके परिजनों से मिलवाया।

पुलिस टीम को हर की पौड़ी क्षेत्र से एक बालक लावारिश हालत में गंगा किनारे बैठा मिला। टीम द्वारा जानकारी करने पर बालक ने अपना नाम वंश पुत्र शीशपाल, उम्र 12 वर्ष, निवासी शास्त्री पार्क (दिल्ली) बताया। आवश्यक कार्यवाही उपरांत, बाल कल्याण समिति के आदेश से उसे खुला आश्रय गृह कनखल में आश्रय दिलवाया गया तथा परिजनों की तलाश हेतु टीम गठित की गई।

काउंसलिंग व गहन प्रयासों के बाद टीम को सफलता मिली और बालक की माता ममता (पत्नी संजीव, निवासी गली नं. 7, वेस्ट घुंडा गंगोत्री बिहार, गढ़ी मंडू, उत्तर-पूर्वी दिल्ली) तक पहुँचा गया। माता ने बताया कि बालक लगभग 6 माह पूर्व बिना बताए घर से चला गया था और हर जगह तलाशने के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। जब सूचना मिली कि उनका बेटा हरिद्वार में है, तब परिवार की जान में जान आई।

दिनांक 25/08/2025 को बालक वंश को उसकी माता ममता के साथ बाल कल्याण समिति हरिद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति द्वारा काउंसलिंग व विधिक प्रक्रिया उपरांत बालक को उसकी माता की सुपुर्दगी में सकुशल सौंप दिया गया।

बालक की माता ने भावुक होकर पुलिस अधिकारियों एवं पूरी टीम का आभार व्यक्त किया और उत्तराखंड पुलिस की मानवता व समर्पण की सराहना की।

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट टीम में पुलिसकर्मी प्रभारी: विजय सिंह, उ0नि0 राखी रावत,एएसआई देवेन्द्र कुमार,हेका0 राकेश कुमार,का0 मुकेश कुमार,का0 दीपक चन्द,म0का0 गीता,म0का0 शशिबाला,का0 जयराज शामिल रहे।

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