लग सकता है देश की आर्थिक ग्रोथ को झटका!

नईदिल्ली।

भारत की रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि देश की कोरोना की दूसरी लहर के बाद आर्थिक गतिविधियां बेहतर हुई है. लेकिन कोरोना वैक्सीन ड्राइव काफी कुछ निर्भर करता है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए 31 दिसंबर 2021 तक देश में 18 साल से ज्यादा उम्र वालों को कोरोना वैक्सीन लग पाना मुश्किल है. रेटिंग एजेंसी के अनुमान से पता चलता है कि इस वर्ष के अंत तक पूरी व्यस्क जनसंख्या का वैक्सीनेशन  करने के लिए प्रति दिन लगभग 52 लाख डोज देनी होंगी. इसके अलावा अगले वर्ष मार्च के अंत तक बाकी सभी को सिंगल डोज देने की जरूरत होगी. इसीलिए, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए देश की आर्थिक ग्रोथ का अनुमान घटाया है. यह 9.6 फीसदी से गिरकर 9.4 फीसदी रह सकती है.
इंडिया रेटिंग्स ने अपने जून में जारी किए अनुमान में बताया था कि आर्थिक रिकवरी की रफ्तार वैक्सीनेशन पर निर्भर करेगी. अगर देश में दिसंबर के अंत तक पूरी जनसंख्या को वैक्सीनेशन कर लिया जाता है तो 2021-22 में जीडीपी ग्रोथ 9.6 फीसदी तक पहुंच सकती है. ऐसा नहीं होने पर यह 9.1 फीसदी रह सकती है.
रेटिंग एजेंसी के प्रिंसिपल अर्थशास्त्री सुनील कुमार सिन्हा का कहना है कि कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार को देखते हुए यह लगभग तय है कि देश में 18 साल से अधिक के उम्र वाले लोगों को दिसंबर के अंत तक वैक्सीन नहीं लगाई जा सकेगी.
सिन्हा ने बताया, हमने कोरोना की दूसरी लहर का असर कम होने के कारण जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 9.4 फीसदी किया है.
इसके अलावा कुछ अन्य इंडिकेटर भी जल्द रिकवरी दिखा रहे हैं. खरीफ की फसलों की बुवाई में तेजी आई है और एक्सपोर्ट में भी बढ़ोतरी हो रही है. कुछ अन्य रेटिंग एजेंसियों ने भी इकोनॉमिक ग्रोथ में जल्द रिकवरी के लिए वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत बताई है.

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