किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने को चौकन्ना रही पुलिस

मथुरा।

किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस चौकन्नी रही। जिन गैर राजनीतिक संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं से इस तरह की आशंका थी उन्हें पुलिस ने मंगलवार से ही नजरबंद करना शुरू कर दिया था। मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष लोकमणिकांत जादौन सहित कई नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया था। बुधवार को सपा के कुछ अन्य नेताओं के अलावा भारतीय किसान यूनियन के नेताओं को भी पुलिस ने घर से नहीं निकलने दिया। जो घर से निकले भी उन्हें रास्ते में ही अपनी निगरानी में ले लिया। भाकियू टिकैत ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने की बात कही थी, लेकिन  पुलिस ने उन्हें हिलने तक नहीं दिया।
समाजवादी लोहिया वाहिनी महानगर अध्यक्ष मुन्ना मलिक, समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष गुड्डू खान को विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन के चलते हिरासत में लिया गया है। भूतेश्वर चौराहे पर इन्हें हिरासत में लेकर चौकी कृष्णा नगर ले आई। समाजवादी लोहिया वाहिनी के महानगर अध्यक्ष मुन्ना मलिक ने कहा कि चाहे जितनी पुलिस घर भेजो या हमें ज्ञापन देने से रोको लेकिन हमारे हौसले न तोड़ पाओगे। उन्होंने कहा कि पुलिस का इस तरह चौकी ले जाना लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है।
अल्पसंख्यक सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष गुड्डू खान ने कहा कि प्रशासन की तानाशाही चल रही है। आम जन व किसानों की आवाज उठाना भी अब कानूनी अपराध की श्रेणी में इस सरकार ने कर दिया है। जो भी आवाज उठाने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें पुलिस द्वारा पकड़वाया जा रहा है। बुधवार की सुबह भाकियू टिकैत के महानगर अध्यक्ष पवन चतुर्वेदी को कोतवाली पुलिस ने चौबिया पाडा स्थित गली माहोली की पौर में उनके समर्थकों के साथ घर पर ही नजरबंद कर दिया था। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के महानगर अध्यक्ष पवन चतुर्वेदी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का सबका अधिकार होता है। वर्तमान केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों की हत्यारी सरकार है।

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