पेयजल संकट को लेकर हुई बैठक
श्रीनगर गढ़वाल। विकासखंड कीर्तिनगर के हिसरियाखाल, पाटाखाल और अकरी पट्टी के करीब 90 गांवों को पेयजल आपूर्ति करने वाली लक्षमोली-हडिमधार पंपिंग पेयजल योजना से पानी सूचारू रूप से नहीं आने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संस्थान क्षेत्र के करीब 90 से अधिक गांवों की पेयजल आपूर्ति करने वाली पंपिंग पेयजल योजना को संचालित करने में नाकाम हो रहा है। आए दिन क्षेत्र के लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। जल्द से पेयजल आपूर्ति को सुचारू नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
रविवार को मायादेवीखाल में पीताम्बर दत्त बलोनी की अध्यक्षता में बैठक आहुत की गई। बैठक में क्षेत्र में तीसरे दिन कराई जाने वाली आंशिक पेयजल आपूर्ति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। कहा कि लंबे आंदोलन के बाद यह योजना क्षेत्र को मिली, लेकिन इसका संचालन सही तरीके से न होने के कारण लोग अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि लक्ष्मोली-हडिमधार पंपिंग पेयजल योजना 2012 में स्वीकृत हो गई थी, लेकिन उक्त योजना सुचारू रूप से पेयजल आपूर्ति नहीं करा पा रही है। इस मामले को लेकर समय-समय पर सम्बंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को अगवत कराया जाता रहा है, बावजूद पेजयल समस्या को दूर नहीं किया जा रहा है।
कहा कि यदि एक माह के भीतर पेयजल समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो वह भूख हड़ताल और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर आगामी 18 दिसंबर को होने वाली बैठक में पेयजल समस्या का निराकरण करने के लिए समिति का गठन किए जाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने क्षेत्र के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि व क्षेत्र की जनता को बैठक में आने की अपील की है। इस मौके पर मधुसूदन बंगवाल, रमेश चंद्र, रामदयाल, जगदीश, ओमप्रकाश, सुमन चंद्र, दिनेश प्रसाद, भगत सिंह, वीरेंद्र सिंह, कामदास, राजेंद्र प्रसाद बंगवाल, अनिल प्रसाद, सुरेंद्र प्रसाद, सक्षम बंगवाल आदि मौजूद रहे।
