सीएम का दौरा: जिला अस्पताल में दिनभर चलती रहीं तैयारी
मुरादाबाद
मुख्यमंत्री के मुरादाबाद में मौजूदगी के चलते शनिवार को जिला अस्पताल हाई अलर्ट पर रहा। अस्पताल में दिनभर तैयारियों का दौर चलता रहा। मुख्यमंत्री द्वारा अस्पताल के निरीक्षण की संभावना को देखते हुए डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों की सांस अटकी रहीं। हालांकि मुख्यमंत्री जिला अस्पताल नहीं पहुंचे। इस दौरान मरीजों के पास से उनके परिजनों को बाहर कर दिया गया।
कोरोना महामारी के खिलाफ चल रही जंग के बीच व्यवस्था का जायजा लेने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुरादाबाद दौरे पर रहे। ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि मुख्यमंत्री कोविड कमांड सेंटर के साथ ही जिला अस्पताल का भी निरीक्षण कर सकते हैं। इसी के चलते शुक्रवार रात से ही अस्पताल में जोरशोर से तैयारियां शुरू की गई थी। शनिवार को भी अस्पताल में दिनभर साफ-सफाई का काम चलता रहा। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जहां आम दिनों में भीड़ लगी रहती थी वहीं शनिवार को पूरा बारामदा खाली रहा। दरअसल मरीज के परिजनों और तीमारदारों को अस्पताल से बाहर कर दिया गया था। वार्ड में केवल एक व्यक्ति को मरीज के पास रहने की अनुमति दी गई थी। खास बात यह रही कि डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड ब्वॉय आदि निर्धारित यूनिफार्म में ड्यूटी पर तैनात नजर आए। इमरजेंसी वार्ड में जहां बीते कई दिनों से लोगों का स्ट्रेचर पर इलाज किया जा रहा था वहां भी जगह को खाली कर दिया गया।
आनन-फानन में खोल दिया 12 बेड का वार्ड
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सामने बने रैन बसेरे को एमसीएच के कोविड वार्ड के रूप में डवलप किया गया है। इसका निर्माण कार्य कई दिन पहले से पूरा हो चुका है। ऑक्सीजन सपोर्ट के लिए पाइप लाइन से सप्लाई की भी व्यवस्था की जा चुकी है। लेकिन इस वार्ड में बेड आदि नहीं डाले गए थे। शनिवार को मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए आनन-फानन में इस वार्ड में 12 बेड लगा दिए गए। हालांकि उन पर एक भी मरीज नजर नहीं आया। जबकि अस्पताल के बाहर कई मरीज भर्ती होने के लिए भटक रहे थे। तैयारियों को देख कर ऐसा लगा कि अस्पताल यह बताना चाह रहा हो कि उनके पास अभी बेड खाली है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उस पर भर्ती किया जा सकता है। सच्चाई यह है कि इसी अस्पताल में कई लोगों को बेड न मिलने पर स्ट्रेचर पर इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
मुख्यमंत्री करते निरीक्षण को खुल जाती पोल
अस्पताल के बाहर खड़े मरीजों के परिजन शनिवार को अस्पताल में अचानक की गई तैयारियों और तीमारदारों को बाहर किए जाने से नाराज दिखे। तीमारदारों ने कहा कि जिस तरह दिखावे के लिए यह व्यवस्था की जा रही है यदि वैसी ही व्यवस्था रहे तो किसी को परेशानी न हो। लोगों ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री एक बार अस्पताल का निरीक्षण कर लेते तो यहां व्याप्त अव्यवस्था और सांसाधनों की कमी खुल कर सामने आ जाती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को वास्तविकता दिखाने की बजाय केवल कागजों में चल रही तैयारियों और उपचार की जानकारी दी गई।
