प्रबंधन के खिलाफ गरजे व्यासी परियोजना में लगे संविदा श्रमिक, अनिश्चिकालीन हड़ताल शुरू
विकासनगर। व्यासी जलविद्युत परियोजना में लगे संविदा श्रमिकों ने प्रबंधन पर दो माह से वेतन नहीं देने का अरोप लगाते हुए अनिश्चिकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। श्रमिकों ने पावर हाउस स्थल पर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द लंबित वेतन आहरित किए जाने की मांग की है। मंगलवार से सीटू से संबद्ध हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना संविदा श्रमसंघ से जुड़े कर्मचारियों ने कहा कि व्यासी बांध निर्माण पूरा होने के बाद बीते नौ माह में प्रोजेक्ट से 250 करोड़ रुपये का फायदा परियोजना का प्रबंधन हुआ है। बावजूद इसके उन्हें नवंबर माह से मानदेय नहीं दिया जा रहा है। बताया कि परियोजना में काम करने वाले सभी संविदा श्रमिक प्रभावित गांवों के युवा हैं, जिनकी परिसंपत्तियां अधिग्रहीत कर दी गई हैं। इससे उनके पास आजीविका का कोई अन्य साधन भी नहीं है। परियोजना निर्माण से पहले यूजेवीएनएल प्रबंधन ने ग्रामीणों को रोजगार मुहैया होने के सपने दिखाए थे, लेकिन उन्हें नियमित रोजगार के बजाय संविदा पर रोजगार दिया गया। अब संविदा पर काम करने वाले श्रमिकों को उनके वेतन से भी वंचित किया जा रहा है। प्रबंधन से वार्ता करने पर उन्हें 15 दिसंबर तक लंबित वेतन दिए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह तक भी वेतन नहीं मिला है। कहा कि वेतन नहीं मिलने से श्रमिकों के परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। जबकि प्रबंधन का कोई भी अधिकारी उनकी सुध नहीं ले रहा है। श्रमिकों ने जल्द वेतन नहीं दिए जाने पर उप श्रमायुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में सीटू के प्रदेश सचिव लेखराज तोमर, भगवंत पयाल, संविदा श्रमिक संघ के अध्यक्ष नवीन तोमर, कैलाश तोमर, जनक सिंह, सत्यपाल, राजपाल, रोहित कुमार, संजीत चौहान, अजीत रावत, शमशेर सिंह, अनिल कुमार, सुभाष कुमार, संदीप गुप्ता, सतनाम सिंह, उदयवीर, सुनील, बारू दत्त, राकेश कुमार, सन्नी कुमार, बलवीर नेगी, बिट्टू पुंडीर आदि शामिल रहे।
