कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने पर बिफरे उपनल कर्मचारी
देहरादून। सरकार के आश्वासन के बावजूद कर्मचारियों की हटाए जाने से उपनल कर्मचारी महासंघ ने कड़ा विरोध किया। रविवार को यमुना कालोनी में महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी के विस्तार अवसर पर आयोजित बैठक में महासंघ पदाधिकारियों ने सरकार से उचित कार्यवाही की मांग की। आज बैठक में कर्मचारियों को हटाने का मुद्दा ही छाया रहा। प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद ने कहा कि ईएसआई में उपनल कर्मचारियों को हटाकर उन्हें दूसरी एजेंसी से नियुक्त करने का निर्णय किया जा रहा है। इसी प्रकार दून विश्वविद्यालय में नई रिक्तियां निकाली जा रही है। इससे वहां पहले से तैनात उपनल कर्मचारियों के भविष्य पर खतरा मंडरा गया है। वर्ष 2018 में हाईकोर्ट के उपनल कर्मियों को समान कार्य समान वेतन और चरणबद्ध तरीके से नियमितीकरण के आदेश के खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की हुई है। ऐसे में कर्मचारियों उनकी नौकरियां से हटाने न्यायालय की अवमानना भी है।
विनय ने कहा कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिया जा चुका है कि उपनल कर्मियों को नहीं हटाया जाएगा। इसके बावजूद भी गुपचुप तरीके से कर्मचारियों की छुट्टी की जा रही है। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। 19 फरवरी को अधिवेशन में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी सात सूत्रीय ज्ञापन दिया गया था। उन्होंने सकारात्मक रूख जाहिर किया था। उम्मीद है जल्द ही इसमें वो निर्णय भी लेंगे।
बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष मनोज सेमवाल, दून अध्यक्ष गणेश गोदियाल हरिद्वार अध्यक्ष योगेश बडोनी,राकेश राणा, मुकेश रावत, एसपी भट्ट, रमेश डोभाल, महेश भट्ट, विजय राम खंकरियाल, नरेश शाह, आशीष काला, विष्णु,जयंती, सरस्वती कांडपाल आदि मौजूद रहे।
