नई इंटीग्रेटेड स्मार्ट सिटी के विरोध में उतरे किसान
ऋषिकेश। डोईवाला के किसानों ने क्षेत्र में नई इंटीग्रेटेड स्मार्ट सिटी को लेकर विरोध जताया है। उन्होंने इसमें कृषि क्षेत्र की भूमि का अधिग्रहण नहीं किए जाने की बात कही। उन्होंने सीएम को पत्र भेजकर क्षेत्रवासियों के साथ जनसुनवाई करने की मांग की। शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा डोईवाला ने सहाकारी गन्ना विकास समिति के प्रांगण में बैठक की। जिसमें कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी गौरव सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा डोईवाला नगर पालिका के कुछ क्षेत्रों, मारखमग्रांट और अन्य ग्रामीण इलाकों को मिलाकर नए शहर बसाने की योजना बनाई गई है। इस खबर से क्षेत्रवासियों में डर का माहौल बना हुआ है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि डोईवाला क्षेत्र में नई इंटीग्रेटेड स्मार्ट सिटी बनाए जाने लिए शासन स्तर से 747 हेक्टेयर भूमि सरकारी और 2334 हेक्टेयर किसानों की भूमि अधिग्रहित की जानी है, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ नहीं है और लोगों को भ्रमित कर रही है। मारखम ग्रांट के पूर्व प्रधान अब्दुल रज्जाक ने कहा कि इस क्षेत्र में अधिकांश लोग किसान हैं और गन्ने की खेती करते हैं। इंटीग्रेटेड स्मार्ट सिटी बनने से उनका और उनके परिवारों का भविष्य खराब हो जाएगा। गन्ना समिति डोईवाला के चेयरमैन मनोज नौटियाल ने कहा कि स्थानीय क्षेत्रवासियों व किसानों के साथ जनसुनवाई की जाए, अन्यथा नई टाउनशिप के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान किसान प्रदर्शन करते हुए तहसील पहुंचे और इसके विरोध में एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। मौके पर उमेद बोरा, सुरेन्द्र सिंह खालसा, ईश्वर चंद्र पाल, एडवोकेट मनोहर सिंह सैनी, दलजीत सिंह, मनोज नौटियाल, गुरदीप सिंह, राजेन्द्र सिंह, अजीत सिंह प्रिंस, जसवंत सिंह, हरकिशन सिंह, अमरजीत सिंह, तरणजीत सिंह, दिलराज सिंह, रणवीर सिंह, सर्वजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, अमरीक सिंह, गुपिंदर सिंह, राहुल सैनी, तेजपाल सिंह मोंटी, मनोज पाल, शुभम काम्बोज, अमन बिष्ट, दरपान बोरा, सुरेन्द्र सिंह राणा,गौरव मल्होत्रा, जीतेन्द्र कुमार, याकूब सिद्धिकी, बलबीर सिंह, पुरकान अहमद, करतार नेगी, महेंद्र भट्ट, सावन राठौर, जाहिद अंजुम सरजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
