सोनिया गांधी के सांसद निधि से स्वास्थ्य विभाग को मिले थे 1.97 करोड़ रुपये – खर्च नहीं होने पर 97 लाख वापस
रायबरेली
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वैश्विक महामारी कोरोना में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के लिए निधि से 1 करोड़ 17 लाख रुपये दिए थे. लेकिन, जिले का स्वास्थ्य विभाग केवल 20 लाख रुपये ही खर्च कर पाया. खर्च नहीं होने के कारण 97 लाख रुपये वापस चला गया. इसमें कही ना कही स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ रही है।
कोरोना काल के दौरान हेल्थ सेक्टर को बेहतर बनाने के लिए सांसद और विधायक निधि से भरपूर बजट दिया गया था. लेकिन स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उन पैसों को सही से खर्च नहीं कर पाया. इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने सांसदीय क्षेत्र रायबरेली के लिए सबसे पहले 23 अप्रैल को अपनी निधि से एक 17 लाख 777 हजार रुपए दिए थे. सोनिया ने डीएम रायबरेली वैभव श्रीवास्तव को एक पत्र लिखकर अपनी सांसद निधि में उपलब्ध पूरी धनराशि कोरोना सुरक्षा में खर्च करने की संस्तुति दी थी।
इसके अतिरिक्त रविवार 16 मई को कोरोना से लोगों को बचाने के लिए सांसद सोनिया गांधी ने पांच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजे थे. सोनिया गांधी ने कोरोना महामारी के दौरान आ रही ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए पूर्व में लगभग 70 ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कराई थी. पांच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जिला कांग्रेस कमेटी को उपलब्ध कराया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के ढुलमुल रवैये के चलते के चलते सांसद निधि से भेजे गए 97 लाख अब वापस लेकर उससे जिला अस्पताल में 150 बेड पर ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है. इसमें करीब 44 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. शेष बजट से ऑक्सीजन प्लांट लगाने की बात कही जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने सांसद निधि से मेडिकल इक्विपमेंट की खरीदी किए थे. उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी जानकारी नहीं है. इस वजह से शेष धनराशि लौटा दिया गया. जबकि सीडीओ अभिषेक गोयल ने बताया कि कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है. स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा रहा है.अस्पताल में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाया जाएगा.सांसद निधि से जिला अस्पताल में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाया जाएगा. इसके लिए कार्यदायी संस्था का चयन कर लिया गया है।
