सड़क न बनने तक डंपिंग जोन पर मलबा नहीं डालेगी कंपनी
रुद्रप्रयाग। जवाड़ी के पास में राष्ट्रीय राजमार्ग में बन रही भूमिगत टनल के मलबे के डम्पिंग जोन की भूमि हस्तान्तरण को लेकर ग्राम विकास समिति उत्यासु जवाड़ी भरदार ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। जिसमें उन्होंने अपनी गोचर भूमि को किसी भी तरह से हस्थानान्तरण न करने का निर्णय लिया। साथ ही कंपनी को चेतावनी दी है कि वह वहां मलबा डालना भी बंद कर दे। जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में ग्राम विकास समिति उत्यासु जवाड़ी भरदार के अध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि दिसम्बर 2022 में भारत कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने मलबा डम्पिंग के लिए भूमि की मांग की। अपनी जल्द जरूरत को देखते हुए 8 जनवरी 2023 को ग्राम विकास समिति उत्यासू जवाडी भरदार की बैठक उपाध्यक्ष कमल सिंह कप्रवाण की अध्यक्षता में हुई। जिसमें भारत कंस्ट्रक्शन कम्पनी के प्रबंधक भी शामिल हुए। लोगों ने तय किया कि इन्हें सरस तोक में जमीन दी जाए। यहां पर मलबा डालने में किसी को आपत्ति नहीं थी, किंतु जब मौके पर जाकर दिखाया गया तो दूसरे स्थान चौफली (फिरौत-रुण्योखण्ड) तोक में दिखाया गया। संयुक्त निरीक्षण में कंपनी को चौथली में डम्पिंग करने को कहा गया। इस पर भी गांव के लोगों को आपत्ति नहीं थी किंतु बीते 2 सितम्बर को कंपनी ने गांव में एक तीन पेज का फार्मेट भेजा जिसमें एनएच के नाम भूमि हस्तान्तरण पर अनापत्ति देने को कहा गया था। गांव में इस पर चर्चा होने लग गई। बीते दिन समिति ने एक आपात बैठक बुलाई, किंतु लोगों ने एक स्वर से भूमि हस्तान्तरण को अस्वीकार कर दिया। निर्माण कर्ता कम्पनी को 300 मीटर सडक बनाने का काम शुरू करने तक डम्पिंग करने से साफ इनकार कर दिया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि हम अपनी गोचर, पनघट, घास चारा आदि की जीवन से जुड़ी भूमि का किसी भी तरह से हस्थानान्तरण नहीं करेंगे। तब तक वहां मलबा डालना भी बन्द करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। अंत में गांव के लोगो ने जो समझौता किया था, पहले उसको करने का निर्णय कर दिया है और जैसे सड़क तथा रास्तों का काम शुरू होगा उसके बाद निर्माण कम्पनी मलबा डाल सकेगी। उन्होंने कहा कि यदि 300 मीटर सडक निर्माण शुरू नही होता है तब तक ग्रामीण चौफली तोक में भी मलबा डम्पिंग करने से इनकार का प्रस्ताव पारित किया गया गया। किसी प्रकार असामान्य घटना के लिए समिति को दोष न दिया जाए। इसके पीछे यदि आंदोलन हुआ तो निर्माण कंपनी जिम्मेदार रहेगी।
