हर की पैड़ी पर बच्चों की दुर्दशा देख भावुक हुई टीम, AHTU ने किया सराहनीय कार्य
सन्दीप कुमार
हरिद्वार
जनपद हरिद्वार की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने शुक्रवार को हर की पैड़ी क्षेत्र से चार नाबालिग बच्चों को बेहद दयनीय स्थिति में रेस्क्यू किया। सभी बच्चे गंगा घाट पर गुमसुम और भूख से व्याकुल हालत में बैठे मिले।
रेस्क्यू टीम के अनुसार, जब यूनिट गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के दौरान घाट क्षेत्र में पहुंची, तो उन्होंने चार बच्चों को अकेले बैठे हुए देखा। पूछताछ करने पर बच्चे शुरू में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके और इधर-उधर की बातें करने लगे। टीम ने उनकी स्थिति को देखते हुए तत्काल उन्हें भोजन और वस्त्र उपलब्ध कराए।
बाद में बच्चों ने बताया कि वे लगभग चार दिन पहले अपने घर से बिना बताए निकल आए थे और ट्रेन के ज़रिये हरिद्वार पहुंचे। बच्चों ने अपना नाम हीर (14), रक्षित (13), नितिन (14) और अमित (14) बताया। सभी बच्चे हरियाणा के जींद जिले की बूढ़ा बाबा बस्ती के निवासी हैं।
रेस्क्यू के बाद चारों बच्चों को AHTU कार्यालय लाया गया, जहां उनकी काउंसलिंग कराई गई। इसके उपरांत उनका चिकित्सीय परीक्षण जिला चिकित्सालय हरिद्वार में कराया गया। फिर चारों को बाल कल्याण समिति (CWC), रोशनाबाद, हरिद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बाल कल्याण समिति द्वारा निर्देश दिया गया कि जब तक बच्चों के माता-पिता अथवा अभिभावकों का पता नहीं चल जाता, तब तक उन्हें कनखल स्थित खुला आश्रय गृह में रखा जाए।
प्रभारी निरीक्षक के निर्देशानुसार, बच्चों के परिजनों की तलाश के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।
रेस्क्यू पुलिस टीम में एएसआई देवेन्द्र कुमार,महिला कांस्टेबल बीना गोदियाल,कांस्टेबल दीपक चंद,महिला कांस्टेबल शशिबाला,महिला कांस्टेबल गीता शामिल रहे।
