वैज्ञानिकों को सम्मानित किया
देहरादून।
भारतीय मृदा एवं जल संरक्षणवादी संगठन देहरादून ने भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के सहयोग से वार्षिक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। साथ ही डॉ. केजी तेजवानी मेमोरियल लेक्चर भी आयोजित हुआ। कौलागढ़ में आयोजित कार्यक्रम से लगभग 240 सदस्य ऑनलाइन जुड़े। मुख्य अतिथि केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान जोधपुर के पूर्व निदेशक एवं राजस्थान कृषि विवि बीकानेर के पूर्व कुलपति डॉ. प्रताप नारायण रहे। भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ पीके मिश्रा ने डॉ के. जी. तेजवानी मेमोरियल व्याख्यान कार्यक्रम की अध्यक्षता की। आईसीएआर- भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान अनुसंधान केंद्र कोटा के पूर्व प्रमुख आरके सिंह कार्यक्रम के सह-अध्यक्ष रहे। भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान देहरादून के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान, पूर्व अपर वन महानिदेशक डॉ. विनोद रंजन, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून के निदेशक डॉ. एम मधु, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षणवादी संगठन के अध्यक्ष डॉ. पीआर ओजस्ववी मौजूद रहे। इस दौरान डॉ. रतन लाल और डॉ. राम बाबू को आईएएसडब्ल्यूसी लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. केजी तेजवानी पुरस्कार संयुक्त रूप से डॉ. राम प्रसाद यादव और डॉ. देबाशीष चक्रवर्ती को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। प्रो. परमेंद्र प्रसाद डबराल, डॉ. महेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, डॉ. बी कृष्णा राव, डॉ. रितेश साहा को आईएएसडब्ल्यूसी फैलोशिप से सम्मानित किया गया। डॉ. राजेश कौशल डॉ एचसी होम्बे गौड़ा, आर. सर्वपल्ली विजय कुमार को क्रमशः रिसर्च, फील्ड फंक्शनरी और टेक्निकल कैटेगरी में आईएएसडब्ल्यूसी स्वर्ण पदक दिया गया। आईएएसडब्ल्यूसी युवा वैज्ञानिक पुरस्कार संयुक्त रूप से डॉ. एस धरुमराजन और डॉ. सुरेश कुमार को प्रदान किया गया। डॉ. उदय मंडल को आईएएसडब्ल्यूसी नवोदित वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
