रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन लंदन ने एफआर सीपी से नवाजा
देहरादून।
हेमवती नन्दन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विवि के कुलपति प्रोफेसर हेमचंद्र पांडेय को रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन लंदन ने डी.लिट की उपाधि से नवाजा है। इससे पहले भी उन्हें दो एफआरसीपी मिल चुकी हैं। एच एन बी मेडिकल विवि के कुलपति को डीजी स्वास्थ्य उत्तराखंड ने कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर की रोकथाम व प्रबंधन के लिए राज्यस्तरीय टास्क फोर्स का अध्यक्ष नामित किया। प्रोफेसर हेमचंद्र ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान राज्य सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उनके सुझाव पर सरकार ने कोरोना महामारी रोकने को आइवर मैकटिन दवा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद उत्तराखंड में करीब 500 लोगों की जान बचाई जा सकी। हिमाचल से पहले महामारी को उत्तराखंड में नियंत्रित किया जा सका।
वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों को बैज नवाजा
डा. हेम ने विवि में पहली बार पीएचडी कोर्स भी शुरू कराया है। इस सत्र से मास्टर इन हास्पिटल एडमिनिस्टे्रशन (एमएचए) भी शुरू कर रहे हैं। हाल ही में उन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल अमेरिका के रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन लंदन ने डी.लिट की मानद उपाधि से नवाजा है। गौरतलब है कि कोविड महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार की ओर से बनाई गई विशेषज्ञ समिति भी प्रो हेमचंद्र की अध्यक्षता में काम कर रही है। संजय गांधी पीजीआइ, लखनऊ के पूर्व निदेशक प्रो. केएन अग्रवाल ने बताया कि प्रो. हेम चंद्र ऐसे कुशल अस्पताल प्रशासक, शिक्षाविद व शोधकर्ता हैं, जो कुलपति के प्रतिष्ठित पद तक पहुंचे हैं। साथ ही रॉयल कालेज ऑफ फिजिशियन (एफआरसीपी ग्लास्गो व एडिन यूके) फेलो से सम्मानित हैं। फेलो ऑफ आल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन व फैलो ऑफ एकेडमी ऑफ हास्पिटल एडिमिनिस्टे्रशन का गौरव हासिल करने वाले वह देश के पहले चिकित्सक हैं।
