हर युग में नारी सम्मान है अनिवार्य: नवलेश
चित्रकूट
भगवान श्रीराम की तपस्थली कामतानाथ के बगल में पेरातीर हनुमान मन्दिर रामेश्वर भोलेनाथ मन्दिर बिहारा में रामकथा के चैथे दिन कथा व्यास नवलेश दीक्षित ने गायन व व्याख्यान से महराज दशरथ के चारों पुत्रों के नामकरण के बाद बाल लीलाओं का वर्णन किया।
मंगलवार को कथा व्यास नवलेश दीक्षित ने भरत के शोक की पराकाष्ठा का संवेदनशील विवेचन कर चित्रकूट की ओर से भरत का प्रजा समेत प्रस्थान करने का मार्मिक चित्रण किया। उन्होंने कहा कि अहंकार बुद्धि के नाश का कारण है। महापंडित ओजस्वी महान विद्वान शक्तिशाली राजा होकर भी नारी शक्ति का सम्मान न करने पर विनाश हुआ।
उन्होंने कहा कि हर युग में जो व्यक्ति नारी का सम्मान नहीं करता, उसका विनाश अनिवार्य है। यही भारतीय संस्कृति है। नारी का सम्मान हर जगह होना चाहिए। कथा के मुख्य यजमान रमेश शुक्ला व उनकी धर्मपत्नी हीरामन तथा आयोजक भोलेराम शुक्ला, पूर्व प्रधान चुनकावन पाण्डेय, संतोष मिश्रा तथा तमाम ग्रामीण व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
