संक्रमण काल के बीच रामायण पाठ और सकारात्मक सोच ने बढ़ाया मनोबल

कानपुर

आपदा के इस दौर में सैकड़ों परिवारों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में मानसिक मजबूती और सकारात्मक सोच के बूते कई संक्रमितों ने कोरोना को मात देने में कामयाबी हासिल की है। लगातार गिरते ऑक्सीजन के स्तर और आइसीयू में रहने के बाद भी हौसला नहीं डिगा और मजबूत इच्छाशक्ति के आगे कोरोना पराजित हुआ। कोविड को हराने की ऐसी ही कहानी व्यवसायी परेश चतुर्वेदी और अधिवक्ता आलोक गुप्ता बयां कर रहे हैं।
आजाद नगर निवासी 48 वर्षीय परेश चतुर्वेदी संक्रमित होने के बाद दिल्ली के मैक्स अस्पताल में 17 दिनों तक आइसीयू में रहे। फेफड़े में निमोनिया और लगातार गिरते ऑक्सीजन के स्तर को मात देकर वापस घर आए। परेश चतुर्वेदी बताते हैं कि आइसीयू में योग और फिजियोथेरेपी ने बहुत लाभ पहुंचाया। मन को शांति मिली और शरीर को लाभ पहुंचा। लंग्स में निमोनिया और ऑक्सीजन के गिरते स्तर से भयभीत नहीं हुआ। स्वजन से बातचीत और सकारात्मक सोच ने संक्रमण से उबरने में मदद की। वह बताते है कि आइसीयू में भी स्टॉफ की मदद से योग करते थे, जिसका फायदा उनको मिला। आज परिवार के साथ कोविड के नियमों का पालन करते हुए बेहतर दिनचर्या संग जीवन व्यतीत कर रहा हूं।

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