35 आक्सीजन कंसंट्रेटर ्लगायेगा ग्लोकल कालेज
सहारनपुर
कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन प्राणवायु चारो ओर तबाही मची है। आक्सीजन की उपलब्धता को लेकर शासन और प्रशासन जी जान से जुटा पर मनचाही आवश्यकता की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस तबाही के बीच घाड़ क्षेत्र में एम्स की तर्ज पर निर्मित और एल2 हास्पिटल का दर्जा लेने को आतुर ग्लोकल मैडिकल कालेज ने 35 आक्सीजन कंसंट्रेटर ् लगाकर 175 एलपी.एमप्राणवायु प्रतिदिन पैदा करने की राह चल पड़ा है।
यमुना नदी की तलहटी और शिवालिक की पहाड़ियों के बीच मिर्जापुर में निर्मित ग्लोकल यूनिवसिर्टी के 750 बेड वाले मैडिकल कालेज में जिला प्रशासन ने अपने मौखिक आदेश पर 200 बेड का एल.1 हास्पिटल बना दिया है। आक्सीजन की उपल्ब्धता न होने के कारण जिला प्रशासन चाहते हुए भी उसे एल.2 का दर्जा नहीं दे पा रहा है। ऐसे में मैडिकल कालेज प्रशासन के कदम से कदम मिलाते हुए खुद ही आक्सीजन जनरेट करने के लिए 35 आक्सीजन कंसंट्रेटर लगाने की तैयारी कर लिया है। आक्सीजन कंसंट्रेटर् रसिया से आना है जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपए होगी। इसके लगने के बाद एक साथ सौ से अधिक बेड पर आक्सीजन की आपूर्ति होगी। ग्लोकल यूनिवसिर्टी के प्रभारी कुलपति प्रोफेसर डा.सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि आक्सीजन कंसंट्रेटर की आपूर्ति के लिए संबन्धित कंपनी को आर्डर और एडवांस की धनराशि भेज दी गई है। कंपनी ने 12 मई 21 तक लगाने का वायदा की है।
ग्लोकल के चांसलर हाजी मो.इकबाल ने बताया कि मैउिकल कालेज का निर्माण ही वह ष्सेवा परमो धर्मरूष् के लिए किए हैं। उनके मैडिकल कालेज से पिछले वर्ष भी 1300 कोरोना संक्रमित ठीक होकर गए थेएजिनके तिमारदारों ने कालेज को प्रशंसा पत्र तक दिए है। उन्होने कहा कि आस.पास के क्षेत्रों में वायरल और मलेरिया जैसे रोग भी फैला हैं और गरीब लोग यहां इलाज के लिए आ रहे हैं। ऐसे मरीजों के लिए भी आक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। वर्तमान में आक्सीजन प्लांट प्रशासन के अधिग्रहण में हैं और वह आक्सीजन देने में हीलाहवाली कर रहे हैं। गरीब जनता की मदद के लिए ही आक्सीजन कंसंट्रेटरा् लगाया जा रहा है।
