वन विकास निगम के खनन चुगान गेट पर धरने पर बैठे वाहन मालिक
हरिद्वार । गैंडीखाता में वन विकास निगम के खनन चुगान गेट प्रथम पर वाहन मालिक धरने पर बैठ गए। इस दौरान वाहन मालिकों ने वन निगम की डिबार्ड व्यवस्था को लेकर रोष जताया। वाहन मालिक की मांग है कि डिबार्ड व्यवस्था में सुधार किया जाए।
शुक्रवार को धरने पर बैठे वाहन मालिकों ने बताया कि खनन चुगान में 200 से ज्यादा वाहन लगे हुए हैं। इनमें ट्रैक्टर ट्राली को 90 कुंतल, छह टायर डंपर ट्रक को 140 और 10 टायर डंपर ट्रक को 210 कुंतल खनन चुगान सामग्री का ढुलान करना अधिकृत है। लेकिन ट्रैक्टर-ट्राली वाहन में 92 कुंतल भार होने पर भी वाहन 48 घंटों के लिए डिबार्ड यानी ब्लैक लिस्ट हो जाता है। डिबार्ड व्यवस्था में सबसे ज्यादा मुश्किल ट्रैक्टर-ट्राली मालिकों को हो रही है। ट्रैक्टर-ट्राली वाहन स्वामियों की मांग है कि वाहनों को 90 कुंतल से 95 कुंतल तक भार ढोने की छूट दी जाए। वाहन में भारी दो कुंतल सामग्री को खाली करने में भी लेबर का अतिरिक्त खर्चा करना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे वाहन मालिकों ने दावा किया कि खनन चुगान के अन्य गेटो पर सही व्यवस्था चल रही है। लेकिन प्रथम गेट पर कर्मचारियों की मनमानी के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं वाहन मालिकों के धरना प्रदर्शन को लेकर वन विकास निगम के गेट प्रभारी जीवन सिंह से बात करने का प्रयास किया तो वह संतोषजनक जबाब नहीं दे पाए। धरने पर बैठे वाहन मालिकों में गुरजीत लहरी, विजेंद्र सैनी, बंटी सैनी, विजेंदर पोखरियाल, आजाद पोखरियाल, कपिल सैनी, अशोक सैनी, व्रजु सैनी, राजेश आदि शामिल रहे।
