दो दिवसीय प्रशिक्षण में दी जानकारी

पौड़ी। वीरचंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक खेती विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयेाजन किया गया। प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी जिलो से 45 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखाए गए। महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो.बीपी नौटियाल ने किसानों को प्रदेश में प्राकृतिक खेती से औषधीय एवं सगंध फसलों के उत्पादन के बारे में बताया गया। प्राकृतिक खेती परियोजना के नोडल अधिकारी डा.अरदीप सिंह ने जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत बनाने व कीट व्याधि नियंत्रण के लिए प्रयुक्त नीमास्त्र, ब्रहमास्त्र, अग्नि, अस्त्र, दशपर्णी अर्क आदि बनाने व प्रयोग की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। केंद्र के वैज्ञानिक डा.अंशुमान सिंह ने प्राकृतिक खेती के माध्यम से सब्जी व फल उत्पादन के तरीकों के बारे में बताया गया। इस मौके पर प्रशिक्षण में कुलपति डा.परविंद्र कौशल, निदेशक प्रसार डा.सीतिवारी, संचालन केंद्र की प्रभारी डा.रश्मि लिंबू, डा.तेजस भोसले, डा.पारस पंवार, डा.राजेंद्र भटट, संजय पचपोर, अमरनाथ तिवारी, नीरज शर्मा, हिमांशु जोशी, गिरीशचंद्र, घनश्याम लखेडा आदि शामिल थे।

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