होम क्वारंटाइन मरीजों के घर पहुंचा रहे दवा और सब्जी
लखनऊ
कोरोना काल में मानवता के कई पहलू देखने को मिले। एक ओर मुनाफे के लिए लोग ऑक्सीजन सिलेंडर और जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी करते रहे वहीं दूसरी ओर ऐशाबाग निवासी राहुल सिंह (25) जैसे युवाओं ने बगैर किसी लालच के होम क्वारंटाइन मरीजों की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की। मरीजों के घर दवा और सब्जी पहुंचाई।
राहुल ने ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन का कोर्स किया है। वह एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में कार्यरत हैं। इसी बीच उन्हें कुछ ऐसे परिवार के बारे में पता चला जहां सभी लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ गए थे। ऐसे लोगों की उन्होंने मदद करने की ठानी। घर जाकर वह दवा और सब्जी देने लगे। बहुत से कोरोना मरीजों को जरूरत पड़ने पर इंजेक्शन भी लगाया।
राहुल बताते हैं कि औरंगाबाद बिजनौर निवासी राकेश रावत कोरोना संक्रमित थे। इलाज के लिए कई अस्पताल के चक्कर काटे पर भर्ती नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर की सलाह पर घर पर ही उनका इलाज कराया। पीपीई किट पहनकर उनके घर जाकर दवाइयां देते, जरूरत पड़ने पर इंजेक्शन भी लगाए। अब वह पूरी तरह से ठीक हैं।
राहुल ने पैसों की जरूरत के कारण कुछ माह पहले अपनी बाइक बेच दी थी। कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की समस्या देख मदद करने की ठानी। पहले तो घर के आस- पास लोगों की मदद की। जब दूर के इलाकों से लोगों के फोन आने लगे तो एक रिश्तेदार से बाइक मांगकर लोगों की मदद करने लगे।
