पिथौरागढ़ में नशे के खिलाफ महिलाओं ने उठाई आवाज
पिथौरागढ़। सीमांत में नशे के बढ़ते प्रचलन से आक्रोशित महिलाएं सड़क पर उतरी। महिलाओं का कहना है कि स्कूली बच्चों से लेकर युवा तेजी से नशे के दललद में फंस रहे हैं। ऐसे युवाओं ने चैंसर को अराजकता का अड्डा बनाया हुआ है। युवाओं की बढ़ती अराजकता के कारण महिलाओं को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सोमवार को चैंसर की महिलाएं नगर के टकाना स्थित कलक्ट्रेट पहुंची। इस दौरान उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि जिला मुख्यालय से महज तीन किमी दूर पर बसे चैंसर में नशीली सामाग्री का खुलेआम सेवन किया जा रहा है। तस्कर गांव पहुंचकर युवाओं का सामाग्री उपलब्ध करा रहे हैं। स्थानीय युवाओं के साथ ही जिला मुख्यालय से भी कई युवा यहां पहुंचकर चरस, स्मैक की खरीद परोख्त करते हैं और बाद में यहीं बैठकर नशीली सामाग्री का सेवन करते हैं। नशे के बाद कई युवा झुंड बनाकर स्थानीय महिलाओं और युवतियों से भी अभद्रता कर रहे हैं। बाद में महिलाओं ने एडीएम को ज्ञापन भी दिया। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में बढ़ रहे नशे पर रोक लगाने की मांग करते हुए पुलिस की ड्यूटी लगाने को कहा है। यहां रजनी देवी, उर्मिला देवी, कमला भट्ट, आशा महर, ममता देवी, सुमित्रा महर, हंसी देवी, सीता देवी, दीपा महर रहीं।
