वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट बरसात से पहले क्षतिग्रस्त, गुणवत्ता पर सवाल खड़े

विकासनगर। नगर पालिका की ओर से शहर में वर्षा जल संग्रहण के लिए जमीन के अंदर बनाए जा रहे वाटर टैंक की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग गए हैं। बरसात शुरु होने से पहले ही टैंक क्षतिग्रस्त होने शुरू हो गए हैं। पालिका कार्यालय से पचास मीटर की दूरी पर एक माह पूर्व बनाया गया टैंक और उसके लिए बनाए गए सोखपिट धंस गए हैं। नगर पालिका प्रशासन की ओर से पिछले माह नगर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के उपाय करने शुरू किए गए। इसके लिए छह जगहों पर बोरिंग कर वाटर टैंक लगाए गए। ढालदार जगहों पर लगाए इन वाटर टैंकों के पानी को शुद्ध बनाए रखने के लिए सोखपिट और जालियां लगाईं गईं। इसका मकसद भू-गर्भ जल का स्तर बढ़ाना और जल भराव की समस्या से निजात दिलाना है। एक जगह पर की गई बोरिंग और वाटर टैंक बनाने पर पांच लाख की लागत लगी। हैरानी की बात है कि पांच लाख की लागत से तैयार किए गए वाटर टैंक में पानी की पांच बूंद भी नहीं गई और उससे पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया। बरसात से पहले दो दिन की बारिश में पांच लाख की लागत से वर्षा जल संग्रहण के लिए किए गए उपाय ध्वस्त होने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। उधर, नगर पालिका के अवर अभियंता गुलाब सिंह पंवार ने कहा कि वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट का बाहरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, जिसकी मरम्मत कर दी जाएगी।

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