विश्व हिन्दू परिषद की केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की दो दिवसीय बैठक

हरिद्वार

विश्व हिन्दू परिषद की केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल द्धउपवेशनऋ की दो दिवसीय बैठक श्री कृष्ण निवास आश्रम, सन्यास रोड़, हरिद्वार, उत्तराखण्ड में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उपवेशन के प्रथम दिवस के दो सत्रों में भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर कुठराघात, समलैंगिकता और लिव इन रिलेशनशिप, देश के सभी मठ मंदिर को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करना चाहिए जैसे ज्वलंत विषयों पर संतों ने अपने विचार प्रकट कर गहन चिंतन मनन किया। संतो ने देश में निर्बाध गति से चल रहे अवैध धर्मान्तरण, वक्फ बोर्ड को असीमित अधिकार पर चिंता व्यक्त करते हुए अपने विचार प्रकट किए। विश्व हिन्दू परिषद की केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल द्धउपवेशनऋ की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिवस का समापन सत्र श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी युगपुरुष महामंडलेश्वर परमानंद महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। उपवेशन में अचानक उपस्थित हुए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने संतों का माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बैठक में उपस्थित धर्माचार्यों तथा संतो ने मुख्यमंत्री का यशस्वी, धर्मरक्षक, कर्मयोगी कहकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा संतों ने धर्म/वजा मुझे सौंपी है, में देवभूमि को उसके मूल स्वरूप में वापस लाऊंगा, आपके आशीर्वाद से मुझे ऊर्जा प्राप्त हुई हैं। समापन सत्र का विषय देश के समस्त धर्माचार्य तथा संतो से विश्व हिन्दू परिषद का आदिवासी, वनवासी, वंचित क्षेत्रें वर्ष में एक पखवाड़ा प्रवास करने का निवेदन रहा जिसका संतों ने स्वागत कर सहयोग करने का संकल्प लिया। साध्वी ऋतंबरा ने अपने गुरु महामंडलेश्वर युगपुरुष परमानंद महाराज के माध्यम से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री तथा विश्व हिन्दू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय, विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र को एक करोड़ का चौक भगवान श्री राम जन्मभूमि पर बन रहे मंदिर के लिए भेंट किया। उपवेशन में विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने संतों से निवेदन किया कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि संतो धर्माचार्यों को गांव गांव जाकर धर्मसम्मत प्रचार करना चाहिए। आज भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर चौतरफा प्रहार हो रहें हैं। समाज में नकारात्मक विचारों का प्रभाव बढ़ रहा हैं, नैतिक और जीवन मूल्यों का ह्रास हो रहा हैं, यह संस्कारों का शरण हैं। समाज में विदेशी षड़यंत्रों पर आधारित सोशल मीडिया के माध्यम से गलत विमर्श स्थापित किए जा रहें हैं, उनको समझ कर तत्काल प्रतिकार करने की आवश्यकता हैं। मिलिंद परांडे ने कहा कि पंजाब से लेकर पूर्वोत्तर तक धर्मांतरण का कुचक्र चल रहा हैं। समाज और परिवार का प्रबोधन वर्तमान समय की महती आवश्यकता हैं। उपवेशन में निर्वाणी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद महाराज, साध्वी ऋतंबरा, स्वामी अजनेशानंद सरस्वती बिहार, घीसापंथाचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज, गरीबदासाचार्य महामंडलेश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप महाराज छोडानी धाम, बंजारा समाज के सर्वोच्च धर्मगुरु बाबूसिंह महाराज के साथ अनेक संतों ने अपने वक्तव्य को बैठक में प्रमुख रुप से रखा। विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल बैठक (उपवेशन) में देश भर से 350 शीर्ष संतों एवं 70 साध्वी धर्माचार्यो ने प्रतिभाग किया।केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक (उपवेशन) का संचालन विहिप के केन्द्रीय मंत्री अशोक तिवारी ने किया। उपवेशन में पधारे संतजनों का स्वागत विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक दिनेश चन्द्र, केन्द्रीय उपाध्यक्ष एवं राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय, केन्द्रीय संगठन महामंत्री विनायकराव देशपांडे, केन्द्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, केंद्रीय संयुक्त महामंत्री कोटेश्वर राव ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रुप से क्षेत्र संगठन मंत्री सोहन सिंह सोलंकी, प्रांत संगठन मंत्री उत्तराखंड अजय कुमार, प्रांत उपाध्यक्ष प्रदीप मिश्र, प्रांत उपाध्यक्षा संध्या कौशिक, प्रांत संयोजिका दुर्गा वाहिनी नीलम त्रिपाठी, नीता कपूर, विभाग अध्यक्ष बलराम कपूर, जिला अध्यक्ष नितिन गौतम, राजेंद्र सैनी, पंकज विश्नोई, कमल उलियान, अनिल भारती, जिला उपाध्यक्ष प्रभाकर कश्यप, मयंक चौहान, अमित मुल्तानिया आदि उपस्थित रहे।

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