किसी भी विद्यार्थी को एग्जाम का फोबिया नहीं होना चाहिए : पूनम आनंद
विकासनगर
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कोरूवा में मोटिवेशनल स्पीकर पूनम आनंद ने विद्यालय की छात्राओं से संवाद स्थापित किया। छात्राओं से करियर काउंसलिंग के साथ ही बालिकाओं को एग्जाम फोबिया से बचने के उपाय बताए। बुधवार सुबह कोरुवा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में आयोजित परामर्श सत्र कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर पूनम आनंद ने छात्राओं से कहा कि किसी भी विद्यार्थी को एग्जाम का फोबिया नहीं होना चाहिए। कहा कि बच्चों में आम बात है कि एग्जाम फोबिया से बचने के लिए सही तैयारी और मानसिक स्थिति का सामंजस्य बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए समय का सही तरीके से प्रबंधन करें। कहा कि एक योजना बनाएं आधिकारिक पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई करें। स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हुए नींद, आहार, और व्यायाम पर ध्यान दें। कहा कि ये सभी मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते हैं। साथ ही स्वाध्याय करें। नियमित अंतरालों में स्वाध्याय करने से स्थिति पर नियंत्रण बना रहता है और आत्म मौद्रिक स्थिति से बचाव होता है। कहा कि सकारात्मक मानसिकता रखें आत्म-समीक्षा करें, आत्म प्रशिक्षण की प्रक्रिया में रहें और आत्म-संवाद का समय निकालें। कहा कि नियमित अभ्यास और मॉक टेस्ट से आत्म-मूल्यांकन करें, ताकि आत्म-विश्वास बना रहे। एक सकारात्मक मानसिकता से यह सीखें कि हर स्थिति एक अवसर है। कहा कि विफलता एक सीखने का मौका है। इन उपायों का पालन करके आप एग्जाम फोबिया को कम कर सकते हैं और सफलता की ऊचाइयों की ओर बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा अत्यंत आवश्यक है व शिक्षित होकर नौकरी करना ही एक मात्र जीवन का लक्ष्य नही होना चाहिए। कहा कि आजकल महिलाएं व्यवसाय से जुड़ आत्मनिर्भर बन रही हैं जिससे वह अन्य लोगो को भी अपने साथ रोजगार उपलब्ध करा सकती हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ की बालिकाएं शारिरिक रूप से मजबूत होती है व महिलाओं के लिए सेना और अन्य जगह बहुत सम्भावनाये हैं। उन्होंने बालिकाओं को आत्मनिर्भर बन परिवार का नाम रोशन करने की बात कही।कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या दीपमाला रावत, कर्नल गगन आनंद, रीना चौहान, बनिता जोशी, रोशनी चौहान, ज्योति चौहान, अमला चौहान, विनीता, टेको देवी आदि शिक्षक स्टाफ आदि मौजूद रहे।
