दद्दा को मिले सम्मान से यूपी गदगद

लखनऊ।

हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल रत्न पुरस्कार का नामकरण किये जाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले से उत्तर प्रदेश के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है।
श्री मोदी ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल कर इसे मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया है। खेल प्रेमियों ने सरकार के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया  उत्तर प्रदेश में जन्मे देश के हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी के नाम पर खेल रत्न पुरस्कार का नामकरण असंख्य खेल प्रेमियों व सम्पूर्ण खेल जगत का सम्मान है। उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया है।
चार दशक के लंबे अंतराल के बाद ओलंपिक में पदक जीतने वाली टीम इंडिया का बेसब्री से इंतजार कर रहे खेल प्रेमियों ने प्रधानमंत्री के फैसले की प्रशंसा करते हुये इसे भारतीय हाकी के सम्मान का प्रतीक बताया है। गौरतलब है कि खेल रत्न पुरस्कार को 1991-92 में शुरू किया गया था। इसका नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था।
श्री मोदी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद भारत के उन अग्रणी खिलाडिय़ों में से थे जिन्होंने भारत के लिए सम्मान और गौरव अर्जित किया। उन्होंने कहा कि हमारे देश का सर्वोच्च खेल सम्मान उन्हीं के नाम पर रखा जाना बिल्कुल सही है। देश लम्बे समय से हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग कर रहा था। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार का नाम देकर भारत की खेलप्रेमी जनता को सबसे शानदार उपहार दिया है।
खेल प्रेमियों के बीच दद्दा के नाम से मशहूर मेजर ध्यानचंद का हॉकी में अविश्वसनीय योगदान रहा है। उन्होंने अपने आखिरी ओलंपिक (बर्लिन 1936) में कुल 13 गोल दागे थे। इस तरह एम्स्टर्डम, लॉस एंजेलिस और बर्लिन ओलंपिक को मिलाकर ध्यानचंद ने कुल 39 गोल किए, जिससे उनके बेहतरीन प्रदर्शन का पता चलता है।

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