प्रकृति,संसाधन और पर्यावरण हमारे जीवन और अस्तित्व का आधार हैं
कानपुर।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,बीएनएसडी शिक्षा निकेतन समेत शहर में कई जगहों पर प्रकृति बंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीएसए कुलपति डॉक्टर डीआर सिंह ने बताया लाखों लोगों ने जुड़ कर प्रकृति बंदन कार्यक्रम में भाग लिया। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउंडेशन तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के संयुक्त तत्वाधान में इस वर्ष भी प्रकृति बंदन कार्यक्रम रविवार को आयोजित हुआ। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में लगभग 80 हजार लोगों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। जिससे लगभग 3 लाख 80 हजार परिवार के सदस्यों ने ऑनलाइन घरों से जुड़कर प्रकृति वंदन कार्यक्रम में भाग लिया।
सीएसए में 501 पीपल एवं तुलसी के वृक्षों का पिरामिड बनाकर किया पूजन
डॉ सिंह ने बताया कि इस वर्ष लगभग कानपुर के 100 स्थानों पर इस कार्यक्रम को आयोजित कर प्रत्येक घर के सदस्यों को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया। पिछले वर्ष कानपुर पूरे देश में प्रकृति वंदन कार्यक्रम में लोगों को जोड़ने का आधार पर द्वितीय स्थान पर रहा था। सीएसए में 501 पीपल एवं तुलसी के वृक्षों का पिरामिड बनाकर शहर की नामी हस्तियों ने पूजन किया गया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों में हवा,पानी,मिट्टी खनिज, ईंधन पौधे और जानवर शामिल हैं। इन संसाधनों की देखभाल करना और इनका सीमित उपयोग करना ही प्रकृति का संरक्षण है ताकि सभी जीवित चीजें भविष्य में उनके द्वारा लाभान्वित हो सकें।
कार्यक्रम के माध्यम से संदेश देने की कोशिश की गई कि प्रकृति,संसाधन और पर्यावरण हमारे जीवन और अस्तित्व का आधार हैं। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउंडेशन तथा परिवार पर्यावरण संरक्षण गतिविधि विगत कई वर्षों से इस दिशा में कार्य कर रही है। आयोजित हुए कार्यक्रम में नीलिमा कटियार (राज्य मंत्री उच्च शिक्षा),सांसद देवेंद्र सिंह भोले,विधायक सुरेंद्र मैथानी यति संकल्प संस्थान की सचिव नीतू सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
डॉ सिंह ने बताया कि इस वर्ष लगभग कानपुर के 100 स्थानों पर इस कार्यक्रम को आयोजित कर प्रत्येक घर के सदस्यों को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया। पिछले वर्ष कानपुर पूरे देश में प्रकृति वंदन कार्यक्रम में लोगों को जोड़ने का आधार पर द्वितीय स्थान पर रहा था। सीएसए में 501 पीपल एवं तुलसी के वृक्षों का पिरामिड बनाकर शहर की नामी हस्तियों ने पूजन किया गया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों में हवा,पानी,मिट्टी खनिज, ईंधन पौधे और जानवर शामिल हैं। इन संसाधनों की देखभाल करना और इनका सीमित उपयोग करना ही प्रकृति का संरक्षण है ताकि सभी जीवित चीजें भविष्य में उनके द्वारा लाभान्वित हो सकें।
कार्यक्रम के माध्यम से संदेश देने की कोशिश की गई कि प्रकृति,संसाधन और पर्यावरण हमारे जीवन और अस्तित्व का आधार हैं। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउंडेशन तथा परिवार पर्यावरण संरक्षण गतिविधि विगत कई वर्षों से इस दिशा में कार्य कर रही है। आयोजित हुए कार्यक्रम में नीलिमा कटियार (राज्य मंत्री उच्च शिक्षा),सांसद देवेंद्र सिंह भोले,विधायक सुरेंद्र मैथानी यति संकल्प संस्थान की सचिव नीतू सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
