वैक्सीन ले चुके लोगों को यह स्टिकर दिया जाना चाहिए : मंडाविया
नई दिल्ली ।
कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सुझाव दिया कि दोनों टीके लगवा चुके लोगों को पूर्ण टीकाकरण का स्टीकर दिया जाना चाहिए। यह स्टिकर अपने घरों पर चिपका जाएंगे, ताकि अन्य परिवार भी टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित होकर सपरिवार टीका लगवाने जाए। क्योंकि अभी भी कुछ परिवार कोरोना वैक्सीन के टीका नहीं ले पाए हैं वजह चाहे जो भी हो उन्हें समाज के हर एक लोगों की यह जिम्मेदारी बनती है कि उनको जानकारी देकर कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने सरकारी संगठन सिविल सोसाइटी विकास संगठनों की बैठक में स्पीकर को लेकर सुझाव दिया और इन सारी बातों पर लोगों को ध्यान केंद्रित किया। बैठक कोरोना वैक्सीन टीकाकरण के हर घर दस्तक कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लिया जा चुका फैसला बहुत ही सराहनीय है जिस तरह से वहां की सरकार ने यह फैसला लिया है स्टीकर अभियान चलाया जाएगा। राज्य में कोविड-19 लगवा चुके लोगों के घरों के बाहर जाने वाले लोग स्पीकर पर लिखा होगा कि यह परिवार कोविड-19 टीका से पूर्ण प्रशिक्षित है उर्मिला इससे करो ना कि का करण में कोई परिवार और सदस्य छूट न जाए। कोरोनावायरस से अब एक भी परिवार नहीं छूट पाएगा और किसी को टीका लगवाया जाएगा जिन लोगों ने टीका नहीं लगया है उनको खोज कर स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण करेंगे। इसी तरह के कार्यक्रम हर राज्य को करेने पर यह बीमारी पूरे देश से पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार बैठक में मंडाविया ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में टीकाकरण के इतने बड़े अभियान में जनभागीदारी बहुत जरूरी है। कोविड-19 संकट के दौरान भारत उठकर खड़ा हुआ है, क्योंकि गैर सरकारी संगठनों व सिविल सोसायटी ने सरकार के प्रयासों को सहारा दिया है। लॉकडाउन के दौरान देश में कोई भूखा न सोए, सरकार ने यह सुनिश्चित किया, इसमें सामाजिक संगठनों ने भी अहम भूमिका निभाई। मंडाविया ने कहा कि देश की 80 फीसदी आबादी को पहला टीका व 40 फीसदी को दूसरा टीका लगवाने में भी इन संगठनों का योगदान है। इस अभियान में सभी पक्षकारों का अपनी विशेषज्ञता व क्षमता के अनुसार योगदान व सामूहिक लक्ष्य पाने में सक्रिय भूमिका लोकतंत्र का सार है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम सभी को यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को टीका लगे। बैठक में टीकाकरण को जनांदोलन बनाने का फैसला किया गया। मंत्रालय ने बयान में कहा कि गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने से बचाने में दूसरी खुराक के महत्व को प्रचारित करने की जरूरत है। टीकाकरण में सहभागी बनने वालों को उनकी क्षमता के अनुसार एक क्षेत्र की पहचान करने और वहां के सभी निवासियों के पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य देने का सुझाव दिया।
