मांगों पर कार्रवाही नया होने से महिला समूहों में आक्रोश

विकासनगर।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की मांगों पर अब तक शासन प्रशासन की ओर से तवज्जो न मिलने से महिला समूओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महिला समूहों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के दौरान चेतावनी दी कि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया तो महिलाएं उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। विकासनगर और सहसपुर ब्लॉक के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन तहसील परिसर में चौथे दिन भी जारी रहा। महिलाओं के इस आंदोलन को लेकर अब तक शासन प्रशासन से कोई कार्रवाई नहीं किये जाने पर महिलाओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। धरना प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने कहा कि पिछले नौ माह से टेक होम राशन के कार्य नए महिला समूहों को दिए जोने की मांग की जा रही है। कहा कि चंद चहेते महिला समूहों को ही टेकहोम राशन की ठेकेदारी दी गयी है। कहा कि सरकार ने विज्ञप्ति निकाली और फार्म भरवाये। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी परिणाम नहीं निकाले। उन्होंने विभागीय मंत्री पर झूठे आश्वासन देकर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी कल्पना बिष्ट और सायरा आजाद ने कहा कि सरकार अभी महिलाओं को गुमराह कर अपने चेहते महिला समूहों को ही लाभ दिला रही है। लेकिन इसका सरकार को आने वाले दिनों में खामियाजा भुगतना पड़ेगा। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि उनके समूह पूरे उत्तराखंड में फैले हुए हैं। जहां गांव गांव घर घर तक महिला समूहों की पहुंच है। कहा कि टेकहोम राशन के परिणाम घोषित करने, समूहों की महिलाओं का रुका हुआ मानदेय, सरकारी और गैर सरकारी योजनाओं के काम तत्काल नये महिला समूहों को देने की उनकी मांग को सरकार तत्काल पूरा करे। अन्यथा महिलाओं को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। धरना प्रदर्शन करने वाली महिलाओं में नीरु त्यागी, मीना श्रीवास्तव, सायरा बानो, लता थापा, तारा तोमर, प्रभावती, हेमलता, देखा, सविता,पूनम, मीना, सुषमा, प्रभा, सविता, गीता, सोमती देवी, उषा, अंजना, दीपा तोमर, सीमादेवी, माधुरी,राखी, मीरा, रीना, रेशमा, विमला, मला, बालादेवी, आशा, सविता, गीता आदि शामिल रहे।

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