संयुक्त टीम ने वृद्ध आश्रम के खर्चों की जांच की

रुड़की।

नगर के वृद्ध आश्रम को आवंटित अनुदान के उपयोग की जांच के लिए डीएम के स्तर से गठित की गई समिति ने मंगलवार का आश्रम पहुंचकर छानबीन की। उन्होंने आश्रम के कर्मचारियों व उसमें रहने वाले बुजुर्गों के बयान दर्ज कर आश्रम के दस्तावेज भी देखे। हालांकि टीम ने जांच का नतीजा बताने से मना कर दिया। लक्सर के एक वृद्ध आश्रम के लिए सरकार ने हाल ही में 10 लाख रुपये का अनुदान मंजूर किया था। आश्रम संचालक द्वारा इसमें से 614296 रुपये पहले ले लिए थे। अब आश्रम ने कुल 334776 रुपये के बिल व वाउचर भुगतान के लिए जिलाधिकारी कार्यालय को प्रस्तुत किए थे। डीएम ने इनके भुगतान से पहले जांच करने के आदेश दिए थे। जांच के लिए लक्सर तहसीलदार के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम बनाई गई थी। मंगलवार को टीम आश्रम पहुंची और जांच शुरू की। टीम ने आश्रम में काम करने वाले सभी कर्मचारियों व आश्रम के संचालक के बयान लिए। इसके बाद उन्होंने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों से बात की और वहां की खाने, पीने व अन्य व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके पश्चात टीम ने आश्रम में बुजुर्गों के लिए सामान की खरीद व इसके उपभोग से संबंधित दस्तावेज भी देखे। करीब ढाई तीन घंटे की जांच के बाद टीम वापस लौट गई। टीम में नायब तहसीलदार रमेशचंद्र, सहायक कोषाधिकारी प्रीतम लाल, खंड शिक्षाधिकारी अंबिकाराम आर्य, सहायक समाज कल्याण अधिकारी संध्या शर्मा व लेखपाल सुनील चौधरी शामिल थे। नायब तहसीलदार ने जांच के नतहजे के बारे में बताने से साफ मना किया। उनका कहना है कि जांच की रिपोर्ट बनाकर सीधे जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी जा रही है।

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