कोविड-19 में नहीं रख रही सरकार गरीबों का ध्यान : सतीश आर्य

चहुुंओर हो रही मानवता शर्मसार

सहारनपुर

भावी नगर विधानसभा प्रत्याशी सतीश कुमार आर्य ने कहा कि भारतीय संविधान के आर्टिकल-21 में वर्णित नियमों के अनुसार देश के प्रत्येक नागरिक को रोटी, कपड़ा और मकान और उसके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार की है, परन्तु यह देखने में आया है कि पिछले सवा साल में सरकार इस मुद्दे पर विफल रही है। मजदूर व गरीब तबका जहां आत्महत्या करने पर मजबूर है वही आम आदमी भी अपने अंदर कुंठा महसूस कर रहा है। गाजियाबाद की घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। उचित प्रकार से टैक्स देने वाले व्यक्ति ने अपना अपार्टमेंट खरीदने के लिए बैंक से लोन लिया उसकी कार भी लोन पर थी तथा बेटे की हायर एजूकेशन के लिए भी इस व्यक्ति ने लोन ले रखा था। रिजर्व बैंक प्रधानमंत्री द्वारा लगातार घोषणाएं की गयी कि लोन में किसी भी व्यक्ति पर किश्त जमा करने का दबाव नहीं बनाया जाएगा इसके बावजूद बैंक द्वारा लगातार ऋणियों पर दबाव बनाया जा रहा है तथा इस घटना में भी जब इस व्यक्ति के चैक बैंक ने बाउन्स कर दिए तथा ऋणदाता बैंक द्वारा मकान को एक्वायर करने प्रयास किया गया तो इस व्यक्ति द्वारा परिवार सहित आत्महत्या कर ली गयी। इस घटना से सरकार की करनी व कथनी का अंतर स्पष्ट दिखाई देता है जहां मानवता शर्मसार होती नजर आयी।
कोरोना काल में सभी को सरकारी गाइड लाईन का पालन करते हुए अपने शरीर की इम्युनिटी पावर बनायी रखनी होगी। बाजार की बाहरी वस्तुुओं का सेवन न करे तथा भोजन में लगातार हल्दी, लौंग, हरी इलायची तथा लहसून, प्याज व अदरक का भरपूर मात्रा में प्रयोग करें तथा अपने भीतर नकारात्मक सोच को किसी भी हालत में हावी न होने दे। नकारात्मक सोच से मनुष्य के शरीर के अनेक अंग कार्य करना बंद कर देेते हैं, जिससे शरीर में आक्सीन की कमी हो जाती है। आर्य ने समाज के संभ्रांत व्यक्तियों से आहवान किया कि वे विपत्ति के इस समय में मदद के लिए आगे आयें।

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