दवा की दुकान की आड़ में हो रहा था मरीजों का इलाज

मुरादाबाद।

गुरुवार को पाकबड़ा इलाके में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक फर्जी पर अस्पताल पर छापा मारा। टीम देखकर मरीजों का उपचार कर रहा स्टाफ चकमा देकर फरार हो गया। एक युवक हत्थे चढ़ा। उससे टीम ने अस्पताल से संबंधित प्रपत्र मांगे तो उसने जानकारी होने से इंकार कर दिया। एक भी प्रपत्र नहीं मिलने पर वहां भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। इस मामले में भवन स्वामी व अस्पताल में मिले युवक को टीम ने पाकबड़ा पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अस्पताल दवा की दुकान की आड़ में संचालित किया जा रहा था। देर रात पुलिस मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई कर रही थी।
पाकबड़ा में फर्जी अस्पतालों की भरमार है। डींगरपुर रोड पर तो यह आलम है कि करीब एक किलोमीटर के दायरे में कई अस्पताल लंबे समय से संचालित हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बाद से तो इन अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है। अधिकतर अस्पतालों में बेड फुल हैं। कई बार इन अस्पतालों में मरीज की मौत या फिर इलाज में लापरवाही होने पर हंगामे भी हो चुके हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर खामोश हैं। क्षेत्रीय लोगों का दावा है कि अधिकतर अस्पतालों के बाहर बोर्ड में नाम तो एक्सपर्ट डाक्टर का लिखा होता है, जबकि उपचार नौसिखियों द्वारा किया जाता है। ऐसे ही एक अवैध नर्सिंग होम की शिकायत पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से की गई थी। कहा था कि दवा की दुकान की आड़ में अस्पताल संचालित हो रहा है। उसने एक वीडियो भी अफसरों को भेजा गया था। शिकायतकर्ता ने अस्पताल को अवैध बताया था। उसका कहना था कि कुछ दिनों पहले शुरू हुए अस्पताल में अभी तक बोर्ड भी नहीं लगा है। इस शिकायत के बाद गुरुवार को एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी, तहसीलदार नितिन तेवतिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम और इंस्पेक्टर पाकबड़ा योगेंद्र कृष्ण यादव ने छापा मारा। जैसे ही टीम अस्पताल में पहुंची तो मौजूद स्टाफ बहाना बनाकर फरार हो गया। केवल एक युवक वहां पर मौजूद मिला। टीम ने उससे पूछताछ की तो वह सही जानकारी नहीं दे सका। अस्पताल से संबंधित प्रपत्रों के बारें में भी कुछ नहीं बता सका। कई दिन से संचालित होने के बाद भी बोर्ड न लगा होने के सवाल पर भी कोई जवाब नहीं दे सका। जिस पर टीम ने वहां पर भर्ती एक मरीज को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने के बाद सील कर दिया। वहीं मकान स्वामी व युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इंस्पेक्टर पाकबड़ा योगेंद्र कृष्ण यादव ने बताया कि तहरीर आते ही मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।
अस्पताल के अवैध तरीके से संचालित होने की सूचना मिली थी। छापे के दौरान कोई जिम्मेदार वहां पर मौजूद नहीं मिला। एक युवक मिला भी लेकिन वह कोई सही जानकारी नहीं दे सका। फिलहाल दवा की दुकान की आड़ में संचालित हो रहे अस्पताल को सील कर दिया गया है।

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