कोविड मरीजों का का वीडियो बनाकर लिया जाएगा फीडबैक
कानपुर
हैलट की खामियों को दुरुस्त करने में प्रशासनिक अमला हरकत में गया है। हैलट में लगातार कोविड मरीजों को खराब भोजन मिलने की शिकायतों की जाँच करने सोमवार को मंडलायुक्त डॉ राजशेखर पहुँचे। सबसे पहले उन्होंने मरीजो को दिये जाने वाले खाने की गुणवत्ता परखी। उसके बाद वह इमरजेंसी पहुँचे। उंन्होने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आरबी कमल से पूछा आखिर गम्भीर मरीज वापस क्यों किये जा रहे है। जवाबों से संतुष्ट नही होने पर कॉमिश्नर ने प्राचार्य से लिखित में जवाब मांगा है। हैलट से मरीज को वापस लौटाने के मामले में भले ही यहां के डाक्टरों को क्लीनचिट मिल गई हो। लेकिन सत्यता को परखने के लिए कमिश्नर ने हैलट में भर्ती मरीजों से न केवल बातचीत की बल्कि मरीजों की भर्ती आदि को लेकर भी रजिस्ट्रेशन काउंटर से पूरी जानकारी हासिल की।
मरीज का पूरा डाटा बनाने के दिए निर्देश
कमिश्नर ने इमरजेंसी में मौजूद ड्यूटी डॉक्टर से कहा कि मरीज के भर्ती के समय उसके रजिस्ट्रेशन की स्लिप में मरीज का पूर्ण पता,आईडी कार्ड नंबर एवं मोबाइल नंबर अवश्य होना चाहिये,जिससे कि मरीजों को भविष्य में ट्रेस करने में आसानी हो। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज को यदि बेड व वेंटिलेटर की अनुपलब्धता की वजह से भर्ती नहीं किया जा रहा है तो ऐसे मामले किसी नामित वरिष्ठ चिकित्सक या एसआइसी की लिखित अनुमति पर ही हो। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रिंसिपल को हर आने वाले मरीज का डाटा बनाने के भी निर्देश दिए। मेडिसिन आईसीयू में वेंटीलेटर बेड बढ़ाने की आवश्यकता पर उनका मुख्य फोकस रहा।
प्राचार्य के जवाबों से नहीं हुए संतुष्ट
हैलट के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त जो सबसे पहले मरीजों को दिए जाने वाले खाने की रसोई देखी। वहां पर सफाई नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मरीजों से पूछा कि खाना और नाश्ता समय से मिलता है कि नही। इस पर मरीजों ने समय पर खाना ना मिलने की बात कही। वहीं प्राचार्य के जवाबों से संतुष्ट नही होने पर लिखित में जवाब मांगा है। कई बिंदुओं पर जांच करने आये मण्डलायुक्त ने कई बार प्राचार्य के जवाब से नाराज भी दिखे।
इमरजेंसी पहुंचने पर कॉमिश्नर ने पूछा आखिर गंभीर मरीजों को वापस क्यों किया जाता है। इस पर प्राचार्य डॉ कमल ने कहा कि,हैलट में नॉन कोविड में कुल में 19 आईसीयू बेड है। जो लगातार फुल चल रहे हैं। ऐसे में नए आने वाले मरीजों को भर्ती किया जाना संभव नहीं हो पाता है। कमिश्नर ने आईसीयू बेड की संख्या बढाये जाने को लेकर एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
दवायों की कमी नही
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने दवाइयों का स्टॉक भी चेक किया और जाना कि कोविड और नॉन कोविड मरीजो को दी जाने वाली दवाओं का स्टॉक है कि नही। इस पर प्राचार्य ने बताया कि जरूरी दवाओं की डिमांड लिस्ट एडवांस में बना कर भेज दी जाती है।
इसके साथ ही कमिश्नर ने निर्देश दिए कि कोविड मरीजों की जब छुट्टी हो तो उनका वीडियो बनाकर फीडबैक जरूर लिया जाए। वहीं निरीक्षण के दौरान बजट के अभाव में दवाओं की खरीद फरोख्त न होने पर कमिश्नर ने प्रस्ताव बनाकर देने को कहा।
