शोध का केन्द्र बनेगा श्रीदेवसुमन विवि ऋषिकेश
ऋषिकेश। श्रीदेवसुमन विश्वविद्यालय उत्तराखंड ऋषिकेश पीजी कॉलेज परिसर अब जल्द ही देश के नामी विश्वविद्यालयों की तरह शोधकार्यों का केन्द्र बनेगा। इसके लिए परिसर में अनुसंधान एवं विकास सेल व शोध प्रसार सेल का गठन होने जा रहा है। खास बात यह है कि शोधार्थी छात्र-छात्राओं के नए अविष्कार और खोज के पेटेंट का खर्च भी विवि ही उठाएगा। सब ठीक रहा तो इसी वर्ष शोधकार्यों का केन्द्र काम करने लगेगा। शनिवार को श्रीदेवसुमन विवि उत्तराखंड, ऋषिकेश पीजी कॉलेज परिसर में कुलपति प्रोफेसर एनके जोशी के नेतृत्व में एकेडमिक काउंसलिंग की बैठक हुई। जिसमें सर्वप्रथम बोर्ड ऑफ स्टडी में रखे गए 217 महाविद्यालयों में संचालित होने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों में हुए अपडेशन को पास किया गया। महाविद्यालय में शोधकार्यों को बढ़ाने पर प्राध्यापकों व विषय विशेषज्ञों द्वारा मंथन किया गया। ऋषिकेश पीजी कॉलेज परिसर को शोध केन्द्र के रूप में विकसित किए जाने पर चर्चा हुई। जिसमें छात्र-छात्राओं के अलावा प्राध्यापकों को भी नए-नए विषयों पर अनुसंधान एवं शोध करने का अवसर मिलेगा। विवि प्रशासन ने इसके लिए कमेटियां गठित कर शोधकार्यों में सहायक एवं जरूरी अलग-अलग सेल एवं केन्द्र खोलने का निर्णय लिया। कॉलेज परिसर में होने वाले सब्जैक्टिव पाठ्यक्रमों की विभिन्न विषयों पर चल रहे शोधकार्यों को ऑनलाइन सुविधा प्रदान की जाएगी।
