कोरोना संक्रमण के खतरे के चलते मलाई चाट रहे नीम हकीम

सहारनपुर

कोरोना वायरस के तेजी से फैलते संक्रमण के सरकारी तथा निजी चिकित्सालयों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं लडखडा गई है, वही सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बढती मृत्यु दर को लेकर बहुत से लोग अपने मरीजों का इलाज गली मौहल्ले के ही झोलाछाप डाक्टरों से कराने में लगे है, जिससे इन नीम हकीम खतरा-ए-जान वालां की चांदी कट रही है। शहर से लेकर गांव-देहात की गलियों मं झोलाछाप डाक्टरों की दुकानें सजी हुई है। जो खांसी, दमा, गठिया-बांय, जोड़ों का दर्द, नामर्दी एवं बांझपन के साथ-साथ बच्चों के सुखिया मशान का गारन्टी के साथ इलाज करने के बोर्ड अपनी दुकानों पर लगाये बैठे हैं। ऐसे झोलाछाप डाकटरों में बंगाली डाक्टर जिले के हर कस्बे व नगरों में देखने को मिलते हैं। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच एक ओर जहां झोलाछाप डाक्टरों की चांदी कट रही है, वहीं दूसरी ओर मोजूदा समय में कुछ तंत्र-मंत्र की विधा से जुड़े तांत्रिकों ने भी ऑन लाइन कोरोना से बचाव के लिए अनुष्ठान कराने व ताबीज आदि के नाम पर ठगने का काम धंधा तेज कर दिया है। कोरोना वायरस के बढते संक्रमण के बीच स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाओं के लडख़डाने की ही वजह है आज हर कोई अपेन बिमार की जान बचाने के लिए झोला छाप से लेकर कथित तांत्रिकों के खोखले झांसों में आकर लूटने-पीटने को मजबूर है। सूत्रों का कहना है कि हाथी गेट कोर्ट रोड के सामने से मिशन कम्पाउण्ड की ओर जाने वाली रोड पर बनी मार्किट में एक ऐसे ही कथित तांत्रिक ने अपनी दुकान सजा रखी है। यह तांत्रिक चैबीस घंटे में शर्तिया प्रेम विवाह, वशीकरण करने का दावा करता है, जबकि कई बार ठगी के शिकार बने कई लोग तांत्रिक बाबा को ठोक भी चुके हैं। इसी प्रकार के कथित तांत्रिक व झोला छाप डाक्टर कोरोना के बढते संक्रमण के बीच खानआलमपुरा, पीरवाली गली,नूरबस्ती, रसूलपुर, बेहट रोड, पठानपुरा, खाताखेडी, शारदानगर, खलासी लाईन, बेरीबाग हबीबगढ आदि क्षेत्रों में अपने पांव जमाये हुए है। मुख् चिकित्सा अधिकारी एक ओर जहां झोला छाप डाक्टरों की सक्रियता से अनभिज्ञ बने हुए हैं, तो वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी कथित तांत्रिकों की कारगुजारियों को रोकने के प्रति गंभीर नहीं है। यही वजह है कि कोरोना के बढते संक्रमण के बीच झोला छाप व कथित तांत्रिक जमकर चांदी काट रहे हैं।

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