गोपीवाला संघर्ष में घायल प्रत्याशी की मौत, परिजनों का हंगामा

मुरादाबाद

गोपीवाला गांव में बीते शनिवार को हुए संघर्ष में प्रत्याशी के भाई की मौत हो गई। इससे मृतक के परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। पुलिस पर दूसरे पक्ष से मिलीभगत का भी आरोप लगाया। शव का पोस्टमार्टम कराए जाने को लेकर पुलिस से ग्रामीणों की घंटों नोकझोंक हुई। इसके बाद ही पुलिस शव पीएम के लिए भिजवा सकी। देर शाम आई पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। लिहाजा बिसरा जांच के लिए भेजा गया है।
कोतवाली के गांव गोपीवाला में 26 अप्रैल को फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाते हुए प्रधान पद प्रत्याशी अनसरीन जहां और गुलाम मोहम्मद के गुटों में संघर्ष हुआ था। जिसमें गुलाम अहमद के भाई गुलाम साबिर घायल हो गए थे। दूसरे पक्ष की ओर से पूर्व प्रधान जाकिर हुसैन घायल हुए थे। गुलाम साबिर की इलाज के दौरान निजी अस्पताल में शनिवार को मौत हो गई। इससे मृतक के परिजनों में आक्रोश गहरा गया। उन्होंने जमकर हंगामा करते हुए पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। क्राइम इंस्पेक्टर पंकज द्विवेदी, उप निरीक्षक विनेश कुमार और प्रेम प्रकाश शर्मा ने भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंच कर ग्रामीणों को समझा-बुझाकर पीएम के लिए शव भेजने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण जिद पर अड़ गए वे पीएम नहीं कराना चाहते हैं। पुलिस और ग्रामीणों में घंटों तक नोकझोंक चली। बाद में ग्रामीण पीएम कराने को तैयार हो गए। इसके बाद ही शव को पीएम के लिए भिजवाया गया। जाकिर हुसैन और उसके समर्थक फरार हो गए हैं।
मतदान के दौरान गुलाम अहमद पक्ष के ग्रामीणों ने जाकिर गुट पर फर्जी मतदान का प्रयास करने का आरोप लगाया था। इसे लेकर दोनों गुटों में संघर्ष हुआ तो गुलाम साबिर के सिर पर कई लाठियां पड़ जाने पर उसके दो बेटे वसीम अहमद और नदीम अहमद पिता को बचाने के लिए भीड़ से भिड़ गए थे दोनों घायल हो गए थे । गुलाम मोहम्मद बेटा और मुख्तियार पुत्र कलुआ आदि कई लोग घायल हुए थे ।
गुलाम साबिर पुत्र नन्हे की मौत हो जाने पर गुलाम मोहम्मद ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी थी लेकिन 2 घंटे बाद पुलिस गांव में पहुंची तो ग्रामीण भड़क गए । गुलाम मोहम्मद आदि ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस मामले की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्ष कार्यवाही करती तो यह सब नहीं होता। उन्होंने जाकिर हुसैन को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगाते हुए पुलिस पर उसकी मदद करने का आरोप लगाया।

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