कुविवि के शोधार्थियों को विभूतियों के नाम पर मिलेगी छात्रवृत्ति
हल्द्वानी
कुमाऊं विवि में शोध सलाहकार समिति की बैठक में नए सत्र से शोधार्थियों को विवि की विभूतियों के नाम पर छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा शोध पेटेंट होने पर संबंधित शोधार्थी को विवि की ओर से स्कॉलरशिप देने की बात कही गई। गुरुवार को कुलपति प्रो. एनके जोशी की अध्यक्षता में बैठक में हुई। बैठक में नए सत्र से शोधर्थियों को प्रो.डीडी पंत, प्रो.केएस वल्दिया और प्रो. वाईपीएस पांगती के नाम पर छात्रवृत्ति देने का अनुमोदन किया गया। साथ ही प्री-पीएचडी कोर्सवर्क की परीक्षा के लिए प्रत्येक प्रश्न पत्र में अलग-अलग 75% उपस्थिति अनिवार्य की गई। इसके अलावा 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके प्राध्यापकों को अब शोध कार्य के लिए शोधार्थी आवंटित न करने का निर्णय लिया। जबकि, पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए केंद्राध्यक्ष एवं पर्यवेक्षक के मानदेय, डी-लिट व डी-एससी के लिए पंजीकरण और काउंसिलिंग शुल्क बढ़ाने का अनुमोदन किया गया। इस दौरान तय किया गया अगर कोई शोधार्थी किसी पेटेंट को फाइल कर उसे प्राप्त करता है, तो उसे विवि की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कहा, पीएचडी में प्रवेश को एक काउंसलिंग में एक शिक्षक को अधिकतम 2 ही शोधार्थी आवंटित किए जाएंगे। निर्णय लिया कि शोधार्थी के शोध प्रबंध मूल्यांकन के लिए शोध निर्देशक और विभागाध्यक्ष की ओर से एक माह के भीतर पैनल प्रस्तुत नहीं करने पर विवि प्रशासन द्वारा परीक्षक नामित किये जाएंगे। बैठक में विगत वर्ष की भांति शोध एवं शिक्षण कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों को सम्मानित करने का भी अनुमोदन किया गया। यहां कुलसचिव दिनेश चंद्रा, वित्त अधिकारी अनीता आर्या, शोध निदेशक प्रो. ललित तिवारी, कार्यपरिषद सदस्य डॉ. प्रकाश पांडे, डॉ. सुरेश डालाकोटी, कैलाश जोशी, डॉ. बीएस जीना, संकायाध्यक्ष कला प्रो. आरके पांडे, संकायाध्यक्ष वाणिज्य प्रो. अतुल जोशी, संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो. एबी मेलकानी, निदेशक डीएसबी प्रो. एलएम जोशी, निदेशक आईक्यूएसी प्रो. प्रदीप गोस्वामी, निदेशक डीआईसी प्रो. संजय पंत, डॉ. युगल जोशी, डॉ. आशीष तिवारी, डॉ. महेश आर्या, डॉ. सुषमा टम्टा रहीं।
